कोरोना महामारी ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को कई प्रकार से प्रभावित किया है। संक्रमण के दौरान जहां लोगों में गंभीर रोगों का खतरा अधिक देखा गया वहीं ठीक हो चुके लोगों में लंबे समय तक बनी लॉन्ग कोविड की दिक्कतें स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा रही हैं।
Covid Study: कोरोना महामारी ने 1.6 साल तक कम कर दी है लाइफ-एक्सपेक्टेंसी, पुरुषों में 22% बढ़ी मृत्युदर
महामारी ने कम कर दी है जीवन प्रत्याशा
अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवेल्यूएशन (आईएचएमई) के डेटा की जांच करने वाले शोधकर्ताओं ने बताया, वैश्विक जीवन प्रत्याशा में पिछले कुछ दशकों में काफी सुधार देखा जा रहा था, हालांकि महामारी ने इस वृद्धि में नाटकीय रूप से बड़ा परिवर्तन कर दिया है।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में मुख्य लेखक ऑस्टिन शूमाकर कहते हैं, दुनियाभर के वयस्कों के लिए कोविड-19 महामारी दुष्प्रभाव, पिछली आधी सदी में देखी गई किसी भी घटना की तुलना में काफी अधिक है। कोरोना ने न सिर्फ लॉन्ग कोविड में कई बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है साथ ही ये इंसानों की औसत आयु को भी कम कर रही है।
पुरुषों-महिलाओं में बढ़ी मृत्युदर
साल 2020-2021 के दौरान ये अध्ययन किया गया। विश्लेषण में 204 देशों में लोगों की सेहत पर इसके असर को समझने का प्रयास किया गया। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि इस दौरान 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की मृत्युदर पुरुषों में 22 प्रतिशत और महिलाओं में 17 प्रतिशत बढ़ गई है। मेक्सिको सिटी, पेरू और बोलीविया ऐसे स्थान हैं जहां जीवन प्रत्याशा में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
शोधकर्ताओं ने बताया, साल 2019 की तुलना में कोरोना के दौरान 2021 में पांच साल से कम उम्र के करीब पांच लाख बच्चों की मृत्यु हुई। आईएचएमई के शोधकर्ता हम्वे हम्वे क्यू कहते हैं, दुनियाभर में कोरोना महामारी ने विभिन्न देशों में स्वास्थ्य में बढ़ी समस्याओं को लेकर अलर्ट किया है।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि 2020-2021 के दौरान 15.9 मिलियन अतिरिक्त मौतों के लिए कोविड जिम्मेदार था। इस महामारी ने स्वास्थ्य को कई प्रकार से क्षति पहुंचाई है। इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभाव अब भी देखे जा रहे हैं। लगभग सभी उम्र के लोगों में कोरोना का जोखिम देखा जाता रहा है।
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स्रोत और संदर्भ
Global age-sex-specific mortality, life expectancy, and population estimates in 204 countries and territories and 811 subnational locations, 1950–2021, and the impact of the COVID-19 pandemic
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