शीर्षासन योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए विशेष रूप से लाभदायक मानते हैं। सिर के सहारे खड़े होने वाले इस योग के अभ्यास को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। यह हठ योग में मुख्य आसनों में से एक है और इसे "आसनों का राजा" भी कहा जाता है। इसका शारीरिक प्रभाव पूरे शरीर में महसूस किया जा सकता है। शीर्षासन योग सिर, गर्दन, कंधों, शिराओं, रक्त वाहिकाओं में रक्त के संचार को बढ़ावा देता है, इसके अलावा शरीर के संतुलन को बेहतर बनाए रखने के लिए भी इस योग का अभ्यास करना लाभकारी माना जाता है।
आज का योग: शीर्षासन योग के हैं ये अद्भुत स्वास्थ्य लाभ, अध्ययनों में भी हो चुकी है पुष्टि
शीर्षासन योग का अभ्यास कैसे करें?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक शीर्षासन योग का अभ्यास बड़े ही सावधानी से किया जाना चाहिए। इस योग का अभ्यास जितना लाभदायक है, गलत तरीके से करने से इससे गंभीर चोट लगने का भी खतरा होता है। शीर्षासन योग करने के लिए सबसे पहले मैट पर बैठ जाएं और आगे की ओर झुककर दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें। अब शरीर का बैलेंस बनाते हुए सिर के सहार उल्टे खड़े होने की कोशिश करें। कुछ समय तक इसी अवस्था में रहे और फिर वापस शुरुआती स्थित में आएं।
शीर्षासन योग करने के क्या लाभ हैं?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक शीर्षासन योग का सही ढंग से नियमित अभ्यास किया जाए तो यह कई समस्याओं में राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
- गर्दन और कंधे, पेट और रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
- सिरदर्द, विशेषकर माइग्रेन से राहत दिलाता है।
- चक्कर आने का इलाज करने में मदद करता है।
- गुर्दे, लिवर, पेट, आंत और प्रजनन प्रणाली से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
- खोपड़ी में रक्त का संचार बढ़ाता है। इससे बालों के झड़ने, बालों के सफेद होने और गंजापन को रोकने में मदद मिल सकती है।
- पिट्यूटरी ग्रंथि के कामकाज में मदद करता है, जो सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों के कामकाज को बढ़ावा देता है।
- सिर में रक्त का संचार बढ़ने से मस्तिष्क स्वस्थ रहता है और इसके कार्यों को आसान बनाता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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