सिर में दर्द की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, ये कई वजहों से हो सकता है। माइग्रेन भी इसी तरह का एक खास सिरदर्द है। इसमें दर्द अक्सर सिर के आगे वाले हिस्से, माथे या आंखों के आसपास महसूस होता है। इसके साथ जी मिचलाने, उल्टी और तेज रोशनी-आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों से लेकर कई बार कई दिनों तक भी परेशान कर सकता है। इसमें दर्द इतना तेज हो सकता है कि रोजमर्रा के जरूरी काम करना और सामान्य रूप से देखना तक मुश्किल लगने लगता है।
हेल्थ टिप्स: माइग्रेन का सता रहा है दर्द तो कैसे पाएं आराम? ये बदलाव देते हैं बड़े फायदे
माइग्रेन सिर्फ सामान्य सिरदर्द नहीं है। इसमें तेज दर्द के साथ मतली, उल्टी और रोशनी-आवाज से परेशानी हो सकती है। शांत और अंधेरे कमरे में आराम, ठंडी सिकाई, पर्याप्त नींद, हल्की मालिश और तेज रोशनी से बचाव कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मस्तिष्क में मौजूद कुछ रसायनों में बदलाव को भी माइग्रेन से जोड़कर देखा जाता रहा है। हालांकि अगर आप दवाओं के साथ कुछ सावधानियां और जीवनशैली में बदलाव करते हैं तो इसके दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।
माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें?
माइग्रेन का दर्द होने पर सबसे पहले खुद को तेज रोशनी और शोर से दूर करें। किसी शांत और कम रोशनी वाले कमरे में कुछ देर आराम करना फायदेमंद हो सकता है।
- तेज रोशनी और आवाज कई लोगों में दर्द को और बढ़ा सकती है।
- कुछ लोगों को सिर या गर्दन पर ठंडी पट्टी रखने से भी राहत महसूस होती है।
- अगर सिरदर्द बार-बार होता है या बहुत ज्यादा परेशान करता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण पता चल सके और उचित इलाज मिल सके।
सिर की हल्की मालिश से मिल सकती है राहत
कुछ लोगों को माइग्रेन के दौरान या उससे बचाव के लिए सिर की हल्की मालिश से आराम मिल सकता है। तनाव और सिर-गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकता है। ऐसे में हल्के हाथों से मालिश करने से तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद मिल सकती है।
नींद का रखें खास ध्यान
नींद की कमी को माइग्रेन को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। बहुत कम सोना ही नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा सोना या सोने-जागने का समय बार-बार बदलना भी कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए रोजाना एक तय समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
- रात में सोने से पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें।
- दिन में कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में बिताना भी नींद के नियमित चक्र को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
- कुछ लोगों को थोड़ी देर की झपकी से भी आराम मिल सकता है।
तेज रोशनी से रहें बचकर
माइग्रेन में तेज रोशनी से परेशानी होना आम बात है। इसे फोटोफोबिया कहा जाता है। अगर रोशनी से सिरदर्द बढ़ता है, तो घर या काम की जगह पर बहुत तेज बल्ब या रोशनी से बचें।
- कमरे में ब्लैकआउट पर्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना और कंप्यूटर की स्क्रीन पर एंटी-ग्लेयर स्क्रीन का इस्तेमाल करना भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। इस तरह उन चीजों से बचना आसान होता है जो माइग्रेन के दौरे को बढ़ा सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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