ह्रदय में आघात के लक्षण तो पता चल जाते हैं लेकिन दिमाग में आने वाले पक्षाघात का पता बहुत देर से होता है। जिसकी वजह से मरीज को इलाज देर से मिल पाता है। कभी-कभी तो डॉक्टर भी इसके लक्षण पहचानने में देर कर देते हैं और दिमाग की नसों से बहुत ज्यादा खून बह जाता है जो मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकता है। आइए जाने इससे होने वाले खतरे और लक्षण।
साइलेंट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं बहुत ही मामूली, डॉक्टर ही कर पाते हैं पहचान
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Tue, 10 Sep 2019 08:15 AM IST
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