शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। डॉक्टर्स कहते हैं, इन्हीं दो चीजों में समस्याओं के कारण कई तरह की बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कम उम्र में ही लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं। आमतौर पर जिन बीमारियों को हम सभी बहुत कॉमन या सामान्य मानते हैं उनमें से कुछ बहुत खतरनाक और घातक भी हो सकती हैं।
Silent Killer: जितनी कॉमन, उतनी ही खतरनाक हैं ये 'साइलेंट किलर' बीमारियां, शरीर को बना देती हैं खोखला
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
रक्तचाप या उच्च रक्तचाप, जिसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कहा जाता है ये सबसे खतरनाक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है और इसपर ध्यान नहीं देते हैं तो इसके कारण कई क्रोनिक बीमारियों का जोखिम हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि दुनिया भर में 30-79 वर्ष की आयु के 1.28 बिलियन वयस्कों को उच्च रक्तचाप है। इस स्वास्थ्य स्थिति को हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है जो गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का भी कारण बन सकती है।
डायबिटीज की बीमारी
मधुमेह या ब्लड शुगर के बढ़े रहने की स्थिति भी लोगों में काफी सामान्य है, पर यह उतनी ही घातक बीमारी भी है। ब्लड शुगर के अक्सर बढे़ रहने की समस्या शरीर में कई और भी बीमारियों का कारण बन सकती है। इस रोग के कारण अक्सर थकान, वजन घटाने, बार-बार पेशाब और प्यास लगने की दिक्कत होती रहती है। हालांकि अगर अक्सर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है तो सावधान हो जाइए यह आपकी किडनी, तंत्रिकाओं और हृदय को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
फैटी लिवर समस्या
लिवर में फैट बढ़ने की समस्या काफी कॉमन है। यह शराब पीने या न पीने वाले दोनों प्रकार के लोगों को हो सकती है। इसे भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ साइलेंट किलर मानते है। फैटी लिवर कुछ स्थितियों में लिवर सिरोसिस का कारण बन सकती हैं जो काफी गंभीर स्थिति है। लिवर की बीमारियों को अनदेखा करना समय के साथ कई गंभीर रोगों का कारण बन सकता है।
नींद न आने की समस्या
अगर आपको लगता है कि नींद न आना सामान्य है तो सावधान हो जाइए, यह भी बहुत गंभीर स्थिति है जिसमें तुरंत सुधार की आवश्यकता है। नींद विकारों की समस्या, जैसे अनिद्रा या स्लीप एपनिया, गंभीर रूप से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को प्रभावित करने वाली हो सकती है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों को नींद न आने की समस्या होती है उनमें अन्य लोगों की तुलना में कई गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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