Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
विटामिन कई प्रकार के होते हैं और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उन सभी की जरूरत होती है। इसमें विटामिन ए, सी, डी, ई और के, आदि शमिल हैं। चाहे शारीरिक स्वास्थ्य हो या मानसिक, दोनों के लिए विटामिन का बड़ा योगदान माना गया है, लेकिन अच्छी सेहत के लिए इनको भी सही मात्रा में लेना बेहद जरूरी है। हालांकि कई बार लोगों के शरीर में अलग-अलग प्रकार के विटामिन की कमी हो जाती है, जिसके गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल जाते हैं। इसलिए ध्यान रखना होता है कि शरीर में किसी विटामिन की कमी न होने पाए। विशेषज्ञ कहते हैं कि दुनिया में अभी भी करोड़ों लोग विटामिन की कमी से पीड़ित हैं और कुछ लोगों में यह जानलेवा भी साबित होती है। आज हम आपको विटामिन-ई की कमी से होने वाले खतरों और इसके लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं...
सावधान: विटामिन-ई की कमी से इन बीमारियों का रहता है खतरा, लक्षणों को न करें नजरअंदाज
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विटामिन-ई की कमी के लक्षण
- मांसपेशियों में अचानक से कमजोरी आ जाना
- आंखों से कम दिखना या दिखने में झिलमिलाहट महसूस होना
- अधिक कमजोरी महसूस होना
- बालों का अधिक झड़ना
- पाचन संबंधी समस्याएं
विटामिन-ई की कमी से होने वाली समस्याएं
- विशेषज्ञ कहते हैं कि विटामिन-ई की कमी से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और इस वजह से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें ब्रेन हैमरेज और हार्ट अटैक आदि शामिल हैं। इसके अलावा विटामिन-ई की कमी से मानसिक विकार हो सकते हैं और इम्यूनिटी भी कमजोर हो सकती है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
विटामिन-ई की कमी कैसे पूरी करें?
- शरीर में विटामिन-ई की कमी न हो, इसके लिए पालक, बादाम, मूंगफली, एवोकाडो, सूरजमुखी के बीज, अंडे, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, आम, पपीता और सोयाबीन ऑयल आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं। ये विटामिन-ई के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।
विटामिन-ई अधिक मात्रा में लेने से नुकसान?
- खाद्य पदार्थों से विटामिन-ई लेना खतरनाक नहीं है, लेकिन अधिक मात्रा में इसे लेना हानिकारक हो सकता है। शरीर में विटामिन-ई की मात्रा अधिक होने से अधिक रक्तस्राव और थकान सहित कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। इसलिए इस संबंध में डॉक्टर से राय लेने की जरूरत है।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।