Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
विटामिन-सी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी विटामिन में से एक है। इसके अनेक फायदे होते हैं। ये शरीर के सामान्य कार्यों में भी मदद करता है। यह कोलाजन फाइबर बनाने में मदद करता है, इसलिए घाव को भरने, उसे ठीक करने और ऊतकों के सुधार में अहम भूमिका निभाता है। दरअसल, कोलाजन संरचनात्मक प्रोटीन है, जो शरीर में प्रोटीन की कुल जरूरत का 25-30 फीसदी हिस्से का निर्माण करता है। विटामिन-सी को रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाने और उसे मजबूत बनाने में अहम माना जाता है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो इम्यूनिटी तो कमजोर होती ही है, साथ ही कई अन्य बीमारियों को होने की संभावना भी बढ़ जाती है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि शरीर में विटामिन-सी की कमी से कौन सी गंभीर बीमारी हो सकती है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
सावधान: शरीर में विटामिन-सी की कमी से हो सकती है ये गंभीर बीमारी, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में अगर विटामिन-सी की कमी हो जाए तो स्कर्वी रोग हो सकता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में कमजोरी, थकावट, दांतों का ढीला होना, कमजोर नाखून, जोड़ों में दर्द और बाल झड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं। इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें।
विटामिन-सी की कमी से होने वाली अन्य समस्याएं
- हड्डियों का कमजोर होना
- मोतियाबिंद
- कान और नाक की बीमारियां
- मुंह से बदबू आना
- फेफड़े में कमजोरी
- चर्म रोग
- एलर्जी
- अल्सर
विटामिन-सी की कमी कैसे पूरी करें?
- चूंकि शरीर में विटामिन-सी अपने आप नहीं बन पाता है, इसलिए आहार की जरिये इसी पूर्ति की जा सकती है। आंवला, संतरा, अंगूर, नींबू, अमरूद, नारंगी, कटहल, सेब, केला, दूध, चुकंदर, शलगम, हरा धनिया, पालक, आदि विटामिन-सी का प्रमुख स्रोत हैं। इनका सेवन करके शरीर में विटामिन-सी की कमी पूरी की जा सकती है।
अधिक मात्रा में विटामिन-सी लेने से क्या नुकसान?
- वैसे तो विटामिन-सी शरीर के लिए लाभदायक होता है, जिसे लेने से शरीर स्वस्थ रहता है, लेकिन अधिक मात्रा में विटामिन-सी लेना हानिकारक भी हो सकता है। इससे पेट खराब, डायरिया, किडनी में पथरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी चीज का सेवन सीमित मात्रा में करें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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