इन दिनों रात को सोते समय मोबाइल देखना आदत बन चुकी है। बड़ा हो या छोटा हर व्यक्ति बिस्तर पर मोबाइल लेकर पहुंचता है और 1 से 2 घंटा कब मोबाइल देखते हुए गुजर जाता है पता ही नहीं चलता। मोबाइल देखते हुए कुछ लोग कान में ईयर फोन लगाकर या तो गाने सुनते हैं या फिर फिल्म देखते हैं। क्या आपको पता है कि सोते समय ईयर फोन लगाकर कितना घातक हो सकता है। आइए आपको बताते हैं सामान्य सा दिखने वाला यह शौक आपके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
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- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, रात को ईयर फोन लगाकर कुछ देर तो गाने सुनना ठीक हो सकता है, लेकिन सोने के टाइम पर ईयर फोन में फिल्म देखना या गाने सुनना आपकी नींद को तो उड़ाता ही है बल्कि आपको इंसोमेनिया जैसी अनिद्रा की गंभीर बीमारी का रोगी बना सकता है। दरअसल, शरीर की अपनी एक क्लॉक होती है, जिसके मुताबिक वह सोने से लेकर उठने, भूख लगने जैसी कई जरूरी क्रियाओं को संचालित करता है। ऐसे में ईयर फोन को रोजाना घंटों लगाने से बॉडी क्लॉक जिसे कि सरकैडियन रिदम भी कहा जाता है वह टूटती है। यह एक क्लॉक ही नहीं होती बल्कि शरीर के भीतर होने वाली सारी रासायनिक क्रियाएं भी इससे संचालित होती हैं, वह भी खराब होती है।
यही नहीं कई स्टडी और रिसर्च भी ईयर फोन को लेकर चेतावनियां जारी कर चुकी हैं। एक स्टडी के अनुसार ईयर फोन से कान के पर्दों को बहुत नुकसान पहुंचता है। दिन भर ऑफिस में फोन पर बातें करना और रात को घंटों ईयर फोन पर गाने सुनना या फिल्म देखने से कान की नाजुक झिल्लियों को बहुत नुकसान पहुंचता है।
यही नहीं सोते समय ईयरफोन लगाने से कान की त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। त्वचा संबंधी रोग और समस्याएं होने लगती हैं। यदि आप ज्यादा देर तक ईयरफोन लगाते हैं तो कान के अंदर मैल जिसे मेडिकल टर्म में वैक्स कहते हैं, वह बनने लगता है और सुनने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
यही नहीं ईयरफोन लगाने से आपके नींद का नैचरल सायकल बिगड़ जाता है। दरअसल, नींद की सायकल हमारे पूरे शरीर को शांत और विश्राम की स्थिति में पहुंचाती है। रात का समय सोने के लिए होता है और यदि इस समय स्मार्ट फोन देखा जाए और वह भी ईयर फोन लगाकर तो ब्रेन के लिए घातक साबित होता है। ध्यान रखिए यदि ब्रेन नहीं सोया तो आपकी सुबह की दिनचर्या खराब होने वाली है। ऐसा लगातार होता है तो डाइजेशन से लेकर दूसरे रोग भी आपको घेरना शुरू कर देंगे।