कोविड-19 की तेजी से फैल रही दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने देशभर में टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया है। टीकाकरण को ही इस महामारी से बचाव का एकमात्र पुख्ता तरीका माना जा रहा है। विशेषज्ञ लगातार दावा कर रहे हैं कि टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं लेकिन ऐसे भी कई मामले सामने आ रहे हैं जहां कुछ लोगों को टीकाकरण के बाद इसके साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो रहा है। आइए विशेषज्ञों से जानते हैं कि टीकाकरण कितना सुरक्षित है और अगर इसके साइड इफेक्ट्स का अनुभव होता है तो किन तरीकों को प्रयोग में लाकर इससे बचा जा सकता है?
कोरोना वैक्सीन: टीकाकरण के बाद दिख सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स, जानें बचाव के उपाय
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टीकाकरण के बाद इन लक्षणों का हो सकता है अनुभव
विशेषज्ञों की मानें ताे वैसे तो टीकाकरण पूरी तरह से सुरिक्षत है लेकिन संभव है कि कुछ लोगों को बुखार, ठंड लगने, शरीर में खुजली और मतली जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। हालांकि इनसे घबराने की कोई जरूरती नहीं है। इस गंभीर बीमारी से मुकाबले के लिए हमें टीकाकरण कराने की आवश्यकता है। सरकार और विशेषज्ञों की कोशिश है कि देश में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जिससे तेजी से फैल रहे कोविड के संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके।
साइड-इफेक्ट्स महसूस हों तो क्या करें?
जानकारों की मानें तो टीकाकरण के बाद दिखने वाले साइड-इफेक्ट्स सामान्य तौर पर एक-दो दिनों में स्वत: ही ठीक हो जाते हैं। जिन लोगों को बताए गए लक्षणों का अनुभव होता है वे लोग आवश्यकता पड़ने पर पैरासीटामॉल ले सकते हैं, हां इस दौरान किसी प्रकार की अन्य दर्द निवारक दवाइयों का सेवन न करें। वहीं यदि रोगी को सांस लेने की समस्या महसूस हो रही है तो उसे तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
टीकाकरण के बाद किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों की मानें तो टीकाकरण के बाद कुछ दिनों तक उच्चस्तरीय व्यायाम से बचना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखें, पौष्टिक भोजन के साथ अच्छी नींद लें। ध्यान रखने की बात यह भी है कि बहुत ज्यादा मात्रा में कैफीन के सेवन से परहेज करें और धूम्रपान से बचें। टीकाकरण सुरक्षित है, इससे घबराएं नहीं।