देश में जारी ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण ने तीसरी लहर की आशंकाओं को तेज कर दिया है। कोरोना के इस नए वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तमाम राज्यों में एक बार फिर से आवश्यक प्रतिबंध लगने शुरू हो गए हैं। कोरोना से बचाव के मद्देनजर एक बार फिर से वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास शुरू हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। इस दिशा में वर्क फ्रॉम होम एक अच्छा विकल्प माना जाता रहा है, हालांकि इससे संबंधित कुछ खतरों को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
अध्ययन: वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोगों में इस वजह से बढ़ गया है स्ट्रोक का खतरा, जानिए बचाव के तरीके
शारीरिक निष्क्रियता के हो सकते हैं गंभीर दुष्परिणाम
जर्नल स्ट्रोक में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि वर्क फ्रॉम होम ने लोगों में शारीरिक निष्क्रियता को काफी बढ़ा दिया है। जो लोग एक ही स्थान पर दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं उनमें, अन्य लोगों की तुलना में स्ट्रोक का खतरा सात गुना तक अधिक हो सकता है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण मोटापा और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकार भी बढ़ रहे हैं, जिससे कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि सेडेंटरी लाइफस्टाइल या गतिहीन जीवनशैली के कारण रक्त प्रवाह, लिपिड मेटॉबॉलिज्म, ग्लूकोज और शरीर में सूजन जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। समय के साथ, इनका रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक होने का खतरा कई गुना तक बढ़ सकता है। घर से काम कर रहे लोगों को इस बात को लेकर विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। काम के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर पर आसपास टहल लें। इसके अलावा आहार का विशेष ध्यान रखें। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने की आदत मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे कई प्रकार के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। सभी लोगों के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि आवश्यक है।
नियमित व्यायाम से दूर होगा खतरा
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक व्यायाम और शारीरिक गतिविधि, सेडेंटरी लाइफस्टाइल के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, वयस्कों को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की मध्यम या 75 मिनट की जोरदार कसरत करनी चाहिए। रनिंग, साइकिलिंग या वॉकिंग जैसे अभ्यास के साथ योगासनों को जीवनशैली का हिस्सा बना लें। कोरोना से बचाव के लिए तो वर्क फ्रॉम होम अच्छा है लेकिन इसके दुष्प्रभावों को लेकर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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