चिगर्स के काटने से फैलने वाले स्क्रब टाइफस रोग के मामले देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, ओडिशा, शिमला सहित देश के कई हिस्सों में संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्क्रब टाइफस के केस ज्यादातर ग्रामीण और जंगली क्षेत्रों से देखे जाते रहे हैं, इसकी मृत्युदर काफी गंभीर समस्याकारक हो सकती है। समय पर रोग का निदान और इलाज न हो पाने की स्थिति में मृत्युदर 30-35 फीसदी के बीच हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस रोग के जोखिमों को लेकर अलर्ट करते हैं।
Scrub Typhus: तेजी से फैल रही ये बीमारी, दिल्ली से सटे राज्यों में बढ़ा खतरा
स्क्रब टाइफस और इसके लक्षण
स्क्रब टाइफस को बुश टाइफस भी कहा जाता है, क्योंकि यह आमतौर वनस्पति वाले क्षेत्रों, जैसे झाड़ियों, जंगलों और घास वाले इलाकों में रहने वाले लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। डॉक्टर कहते हैं, इस संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है, जिससे बचाव के लिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। इसके लक्षणों को जानना, समय रहते रोग का इलाज कराना आवश्यक हो जाता है। आइए इस रोग के बारे में कुछ आवश्यक बातें जानते हैं।
एक से दूसरे इंसान में नहीं होता है संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्क्रब टाइफस के मामले सिर्फ संक्रमित कीट चिगर्स के काटने से ही इंसानों में होता है। कोरोना या फ्लू जैसे संक्रमण की तरह इसके एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा नहीं होता है। स्क्रब टाइफस के मामले शहरी क्षेत्रों में भी हो सकते हैं, हालांकि यहां मामले कम देखे जाते रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों के रोग से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।
शुरुआत में फ्लू जैसे ही होते हैं लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्क्रब टाइफस के मामलों में शुरुआती स्थिति में संक्रमित में फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते हैं, जिसमें बुखार के साथ ठंड लगने, सिरदर्द-मांसपेशियों में दर्द होता है जिसके कारण आप लक्षणों को लेकर भ्रमित हो सकते हैं। अगर समय पर समस्या का निदान न किया जाए और संक्रमण बढ़ने लगे तो जिस स्थान पर कीट ने काटा होता है वहां पर काला निशान हो सकता है। संक्रमण की गंभीर स्थिति कोमा और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम के भी बढ़ाने वाली मानी जाती है।
किन उपायों के अपनाकर संक्रमण से करें बचाव
कुछ सावधानियां बरतकर आप संक्रमण से बचाव के लिए उपाय कर सकते हैं। इसके लिए जिन स्थानों पर इन दिनों संक्रमण का जोखिम अधिक हो वहां पर जाने से बचें। बाहर जाते समय स्क्रब टाइफस के संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, कीटों से बचाव के लिए उपाय करें और यदि आपको लक्षणों का शक हो तो तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कर इसका उपचार प्राप्त करें।
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नोट: यह लेख विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
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