चीन के वुहान से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस का संक्रमण हर दिन बढ़ता जा रहा है। कई देशों में कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन में ढील यानी राहत दी जा रही है। हालांकि फेस मास्क पहनने समेत साफ-सफाई और हाइजीन मेंटेन करने को जरूरी बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फेस मास्क लगाने से संक्रमण का खतरा तो कम होगा, लेकिन इसकी कुछ चुनौतियां भी हैं। बदल रही परिस्थितियों के बीच इन चुनौतियों और समस्याओं से निपटना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेहत पर इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। जैसे कि स्वास्थ्यकर्मियों को अक्सर मास्क लगाकर ही रखना होगा। ऐसे में त्वचा पर लाल निशान, रैशेज वगैरह हो सकते हैं।
कोरोना वायरस: मास्क लगाने से संक्रमण का खतरा कम होगा लेकिन बढ़ सकती हैं चुनौतियां
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- मिलना-जुलना कम होगा
पहले जहां लोग मास्क पहनने वालों को संदेह के नजरिये से भी देखते थे, लेकिन कोरोना काल में परिस्थितियां बदल गई है। अब कोरोना से बचाव के तौर पर मास्क पहनना जरूरी बताया गया है। ऐसे में लोगों के बीच मिलना-जुलना पहले की अपेक्षा कम होगा। लोग आपसी संपर्क से बचना चाहेंगे।
- संक्रमण का डर
मास्क लगाने के बावजूद लोगों के बीच कोरोना में कोरोना संक्रमण होने का डर बना रहेगा। संक्रमण के डर के बावजूद लोग असहज महसूस करेंगे। लोगों को ज्यादा बेचैनी हो सकती है। कई स्टडी में यह बात सामने आई है कि कोरोना की वजह से लोगों की मानसिक सेहत पर असर पड़ेगा।
- असहज महसूस होगा
एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट में मनोवैज्ञानिक डेविड अब्राहम का कहना है कि बहुत सारे लोग मास्क को डर का प्रतीक मानते हैं। बहुत सारे लोेग मास्क पहनकर असहज महसूस करते हैं। हालांकि उन्हें मास्क पहनने का निर्देश तो मानना ही होगा और अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने होंगे।
- अपराध बढ़ने की संभावना
अपराध नियंत्रण में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका अहम होती है। लेकिन जब लोग मास्क से चेहरा ढककर यानी छिपा कर रखेंगे। ऐसे में अपराध और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती है। अपराध बढ़ने पर पुलिस के लिए चुनौतियां बढ़ सकती है।