तेजी से दौड़ती-भागती इस दुनिया में इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। ऑफिस के ईमेल से लेकर सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़े रहने तक में यह हमारे लिए काफी आवश्यक बन गया है। इंटरनेट सिर्फ आपको मौजूदा दुनिया से जोड़कर ही नहीं रखता है, यह आपमें डिमेंशिया के जोखिम को कम करने वाला भी एक कारगर तरीका हो सकता है।
Study: इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो डिमेंशिया का कम हो सकता है खतरा, वृद्ध लोगों में देखे गए बेहतर परिणाम
इंटरनेट और मानसिक स्वास्थ्य विकारों का जोखिम
युवा पीढ़ी हर दिन ऑनलाइन कार्यों में लंबा समय बिताती है, लेकिन अब वृद्ध लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि नियमित इंटरनेट का उपयोग वास्तव में ऐसे लोगों के लिए वरदान हो सकता है, जो डिमेंशिया के दीर्घकालिक जोखिम को कम करने वाला पाया गया है।
न्यूयॉर्क शहर स्थित न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ग्लोबल पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि इंटरनेट के नियमित उपयोगकर्ताओं ने गैर-नियमित उपयोगकर्ताओं की तुलना में डिमेंशिया के जोखिमों को कम अनुभव किया।
इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं की जांच
यह जांचने के लिए कि इंटरनेट का उपयोग डिमेंशिया के जोखिम को कैसे प्रभावित कर सकता है, अध्ययन की टीम ने 18,000 से अधिक अमेरिकी लोगों को शामिल किया। 2002 में जब अध्ययन शुरू हुआ तब सभी की उम्र 50-65 के बीच थी और इनमें डिमेंशिया का खतरा नहीं था। हर दो साल में सभी प्रतिभागियों का टेस्ट किया गया।
अध्ययन के लेखक गवन चो कहते हैं, अध्ययन की शुरुआत में लगभग दो-तिहाई प्रतिभागी नियमित इंटरनेट उपयोगकर्ता थे, जबकि एक तिहाई इससे दूर थे।
शोध में क्या पता चला?
अध्ययन के अंत में पाया गया कि करीब 5% प्रतिभागियों में डिमेंशिया विकसित हुआ। 87% से अधिक लोगों को मानसिक रूप से स्वस्थ पाया गया। अधिकांश प्रतिभागियों ने समय के साथ अपनी इंटरनेट आदतों में बदलाव कर लिया। टीम ने निष्कर्ष निकाला कि जो लोग इंटरनेट से अब भी दूर थे उनमें से 10% से अधिक लोगों में इस रोग का जोखिम पाया गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल, सोशल आइसोलेशन के जोखिमों को कम करने मदद करता है, डिमेंशिया के लिए यह एक प्रमुख जोखिम कारक रहा है।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
शोध के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना कि इंटरनेट हमें एक आभासी दुनिया से जोड़े रखता है, इसके माध्यम से हम नए लोगों से मिलते हैं, नई-नई जानकारियां प्राप्त करते हैं जिससे अल्जाइमर रोग का खतरा कम होता है। यह आपको डिमेंशिया से भी बचाता है। इसके अलावा लोग नियमित शारीरिक गतिविधि, हृदय स्वास्थ्य की देखभाल और पर्याप्त नींद लेने जैसे जीवनशैली की आदतों को अपनाकर संज्ञानात्मक गिरावट के अपने जोखिम को कम कर सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Everyday Internet Use by Older Adults Might Help Keep Dementia at Bay
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