Medically reviewed by Dr. Nirmesh Agrawal
डॉ. निर्मेश अग्रवाल, डायबिटीज रोग विशेषज्ञ,
सिद्धि विनायक डायबिटीज सेंटर, रायपुर
डिग्री- एम.बी.बी.एस, पी.जी.डी
अनुभव-पांच वर्ष
मूत्र की मात्रा, रंग और गंध से हमारी सेहत में किसी भी तरह की गड़बड़ी का संकेत मिलता है। मूत्र का असामान्य रंग कई अलग-अलग स्थितियों, संक्रमण, बीमारी, दवाओं या आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन का परिणाम हो सकता है लेकिन डायबिटीज के मरीजों को प्रारंभिक लक्षण के रुप में मूत्र में झाग दिखाई देता है। अगली स्लाइड्स से जानिए क्यों आने लगता है मूत्र में झाग।
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शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है
- फोटो : सोशल मीडिया
डायबिटीज के कारण मूत्र में झाग बनना कैसे संभव है?
डायबिटीज लंबे समय तक क़ायम रहने वाली बीमारी है, और खून में शर्करा की मात्रा बहुत अधिक हो जाने पर यह समस्या उत्पन्न होती है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों के शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या शरीर इंसुलिन का प्रभावी रूप से उपयोग नहीं कर पाता है। ऐसा होने पर शरीर में ब्लड शुगर का स्तर काफी बढ़ जाता है। शरीर की किडनियाँ खून को साफ करने तथा गंदगी को बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार होती हैं, और शर्करा (शुगर) की अतिरिक्त मात्रा इस अतिरिक्त तरल पदार्थ के जरिए फिल्टर होती है। यही अतिरिक्त शर्करा (शुगर) फिर मूत्र के जरिए बाहर निकलती है, जिससे मूत्र में झाग बनता है, या यहां तक कि इससे मीठी या फल की गंध आती है।
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थकान और सुस्ती
- फोटो : social media
मूत्र में झाग बनने के अलावा डायबिटीज के अन्य प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
-लगातार पेशाब आना
-बार-बार प्यास लगना या भूख लगना
-थकान और सुस्ती
-धुंधला दिखाई देना
-हाथों एवं पैरों में झुनझुनी और सुन्नता
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यह समस्या डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत आम है
- फोटो : Pixabay
डायबिटीज में मूत्र में झाग बनने की समस्या
टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में, लोगों को कई कारणों से मूत्र में झाग बनने की समस्या का अनुभव हो सकता है। यह समस्या डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत आम है लेकिन इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ लोगों के लिए मूत्र में झाग बनना डायबिटीज का पहला संकेत हो सकता है।
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डायबिटीज की वजह से किडनी पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है
- फोटो : social media
किडनी की गंभीर बीमारी
डायबिटीज से पीड़ित लगभग 4 में से 1 वयस्क को किडनी की बीमारी होती है। डायबिटीज की वजह से किडनी पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है, जिससे किडनी की गंभीर बीमारी हो सकती है। किडनी की बीमारी वाले लोगों के मूत्र में प्रोटीन मौजूद हो सकता है, और मूत्र में प्रोटीन की मौजूदगी के कारण मूत्र में झाग बन सकता है।