सीने का दर्द होते ही लोग घबरा जाते हैं क्योंकि यह हार्टअटैक का एक संकेत होता है। उम्रदराज लोग या पहले से ह्रदय रोग से पीड़ित लोग इतना परेशान हो जाते हैं कि घबराहट में और भी बीमार पड़ जाते हैं लेकिन जरूरी नहीं कि सीने में दर्द के पीछे एक ही कारण होता है। कई कारणों से सीने में दर्द उठता है लेकिन बहुत जरूरी है कि आप लापरवाही न बरतें। कई बार सामान्य सी एसिडिटी या जुकाम के कारण भी सीने में दर्द उठता है लेकिन समय के साथ आप इसके उपचार पर ध्यान दें, यही श्रेष्ठ उपाय है। अगली स्लाइड्स में चेस्ट रोग विशेषज्ञ से जानिए कि किन कारणों से सीने में दर्द हो सकता है।
हार्ट अटैक के अलावा इन वजहों से भी उठता है सीने में दर्द, घबराने से बढ़ जाती है समस्या
फेफड़े की बीमारी
कई बार लोगों को फेफड़े की परत में सूजन बढ़ जाती है, जैसे ही अचानक किसी दिन ये सूजन बढ़ जाती है तो सीने में दर्द होने लगता है। कई बार फेफड़ों की बीमारी निमोनिया और दमा से भी सीने में दर्द होने लगता है। यदि कारण यही है तो दर्द छाती के बगल में हो सकता है और जब कभी किसी को सर्दी-खांसी आदि होती है तो यह दर्द ज्यादा हो सकता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
अंदरुनी सूजन
छाती की अंदरुनी हिस्सा बहुत ही झटिल होता है, ऐसे में कई लोगों को छाती की अंदरुनी झिल्ली में सूजन आ जाती है और उन्हें पता भी नहीं होता है। जब छाती की अंदरुनी झिल्ली की सूजी हुई सतह से सांस लेने पर हवा टकराने लगती है, यही वजह है कि छाती में अचानक दर्द उठता है। चिकित्सकीय शब्दावली में इसे प्लूराइटिस कहते हैं। यह स्थिति अधिकतर उन लोगों में निर्मित होती है, जिन्हें पहले निमोनिया हुआ होता है।
पसली का टूटना
यदि किसी कारण से सीने की पसली टूट जाती है तो दर्द शुरु हो सकता है। जिन लोगों को स्पाइन में कोई समस्या होती है, उन्हें भी ये दर्द होने लगता है। ऐसे में लोग कई बार घबरा जाते हैं कि सीने में दर्द क्यों हो रहा है। नसों में यदि सूजन होती है तो भी सीने में दर्द हो सकता है। यह दर्द अक्सर शीत मौसम में अधिक होते हैं लेकिन अचानक दर्द होने पर पैनिक होना स्थिति को बिगाड़कर रख देती है।
अधिकांश लोगों को एसिडिटी से सीने में दर्द शुरू हो जाता है। एसिड जब ऊपर की ओर लौटकर आता है, जिस स्थिति में खट्टी डकारें आने लगती हैं, ऐसे में हल्का-हल्का सीने में दर्द उठता है। ऐसी स्थिति में सीने के दर्द के प्रति चिंतित होने की बजाय एसिडिटी का जल्द से जल्द उपचार करना चाहिए। पेट ठीक होते ही यह दर्द अपने आप ठीक हो जाता है।