खाने में दाल न हो तो जैसे कुछ सूना-सूना सा लगता है। स्वाद के साथ दाल को पौष्टिकता से भरपूर आहार के रूप में जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल खाने के भी कुछ नियम हैं? गलत समय पर दाल खाने से फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है। आयुर्वेद में सभी कुछ खाने के फायदे और उसके तरीकों के बारे में बताया गया है। दाल खाने को लेकर आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि रात के समय में इसका सेवन पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं कि दाल खाने को लेकर विशेषज्ञों के हिसाब से सही समय क्या है?
कहीं आप भी तो रात में नहीं खाते हैं दाल? जान लीजिए क्या हैं इसके नुकसान
रात के समय क्यों नहीं खाना चाहिए दाल
विशेषज्ञों की मानें तो भोजन की तासीर के हिसाब से ही उसके सेवन के समय को तय किया जाता है। नियमों के सही से पालन न करने पर शरीर में वात, पित्त और कफ के असंतुलन का खतरा रहता है। रात के समय हमेशा हल्के भोजन का ही सेवन करना चाहिए। चूंकि दाल भारी होती है और रात में खाना खाने के बाद अक्सर जल्दी ही हम सोने के लिए चले जाते हैं ऐसे में शरीर दाल का पाचन सही से नहीं कर पाता है। ऐसी स्थिति में अपच जैसी पाचन संबंधी समस्याओं के होने का खतरा बना रहता है। रात में हमेशा हल्के भोजन करने के बाद कुछ देर तक टहलना जरूर चाहिए, जिससे इनका पाचन ठीक तरीके से हो सके।
दाल खाने से हमारे शरीर के लिए आवश्यक पौष्टिक तत्वों की पूर्ति हो जाती है। दाल को प्रोटीन और कई प्रकार के विटामिन्स का बेहतर स्रोत माना जाता है। इसके अलावा दालों को आयरन, मैग्नीशियम और जिंक का भी खजाना माना जाता है। इन सभी पोषक तत्वों की मौजूदगी शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होती है।
किस दाल के क्या फायदे होते हैं?
- चने के दाल में वसा की मात्रा कम होती है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करती है।
- मूंग की दाल में आयरन और पोटैशियम की अधिक मात्रा में होता है। पाचन की समस्या वाले लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद है।
- अरहर की दाल में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। यह प्रोटीन के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है।