दिल की बीमारियों का जोखिम अब बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में आपने भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें खूब देखी-सुनी होंगी।
दिल की सेहत: हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा रही हैं आपकी रोज की ये गलतियां, आज से ही करें सुधार
हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, अधिक वजन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और स्वस्थ वजनजरूरी है। समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह भी जोखिम कम करने में मदद करती है।
दिल की बीमारियां और हार्ट अटैक का खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और परिवार में कम उम्र में हृदय रोग की हिस्ट्री हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में से हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई जोखिमों को रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है।
- नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन को कंट्रोल करना, धूम्रपान से दूरी और ब्लड प्रेशर-शुगर-कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
हार्ट अटैक से बचाव के लिए क्या करें?
शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी
- नियमित व्यायाम ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इससे हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। तेज गति से चलना, साइकिल चलाना या तैरकी जैसे व्यायाम दिल की सेहत को ठीक रखने में मदद करत हैं। वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। अगर लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है तो धीरे-धीरे इसकी शुरुआत करें।
खाने में इन चीजों को कम करें
- दिल को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान को ठीक रखना जरूरी है। ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, जबकि संतृप्त वसा और ट्रांस फैट बैड कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकते हैं।खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और फाइबर वाले खाद्य पदार्थ बढ़ाएं। पैकेट वाले और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, ज्यादा नमक, मीठे पेय और ज्यादा वसा वाली चीजें कम से कम खाएं।
हार्ट अटैक के जोखिमों को कैसे कम करें?
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल, ये तीनों हार्ट अटैक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। कई बार इन समस्याओं के शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए समय-समय पर जांच जरूरी है। अगर डॉक्टर ने दवा दी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें। ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को निर्धारित सीमा में रखने से हृदय और रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाला दबाव कम करने में मदद मिलती है।
सिगरेट का धुआं रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है। धूम्रपान छोड़ना दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसी तरह अधिक वजन या मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ा सकता है, जो आगे चलकर हृदय रोग का कारण बनता है। इसलिए वजन को कंट्रोल में रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार सभी उम्र के लोगों के लिए जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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