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Prateek Yadav: 38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत, लंबे समय से चल रहा था इस बीमारी का इलाज!
Wed, 13 May 2026 10:43 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 13 May 2026 10:43 AM IST
सार
Prateek Yadav Death Reason: : स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का आज सुबह निधन हो गया। प्रतीक की उम्र महज 38 साल की, जिस वजह से हर कोई उनके निधन की खबर सुनकर हैरान है।
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38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत
- फोटो : अमर उजाला
Prateek yadav Death Cause: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। वह महज 38 वर्ष के थे।
38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। बताया जा रहा है कि उनके लंग्स में क्लॉट की समस्या थी, जिसके कारण वह काफी समय से इलाज करा रहे थे। उनका उपचार मेदांता में चल रहा था। बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। फिलहाल अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि उनका निधन कैसे हुआ।
38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत
- फोटो : Adobe Stock
लंग्स में क्लॉट होना क्या होता है?
लंग्स में क्लॉट यानी फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाना। मेडिकल भाषा में इसे Pulmonary Embolism कहा जाता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर के किसी हिस्से, खासकर पैरों की नसों में बना ब्लड क्लॉट टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की ब्लड सप्लाई को रोक देता है। यह समस्या गंभीर मानी जाती है और समय पर इलाज न मिले तो जानलेवा भी हो सकती है।
लंग्स में क्लॉट यानी फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाना। मेडिकल भाषा में इसे Pulmonary Embolism कहा जाता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर के किसी हिस्से, खासकर पैरों की नसों में बना ब्लड क्लॉट टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की ब्लड सप्लाई को रोक देता है। यह समस्या गंभीर मानी जाती है और समय पर इलाज न मिले तो जानलेवा भी हो सकती है।
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38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत
- फोटो : Adobe Stock
लंग्स में क्लॉट क्यों होता है?
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठे या लेटे रहने से
- शरीर में खून का प्रवाह धीमा होने से
- मोटापा और धूम्रपान
- हार्ट या फेफड़ों की बीमारी
- सर्जरी या चोट के बाद
- ज्यादा तनाव और अनहेल्दी लाइफस्टाइल
- कुछ मामलों में जेनेटिक कारण भी जिम्मेदार होते हैं
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38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत
- फोटो : Freepik.com
इसके लक्षण क्या हैं?
कितना खतरनाक है?
अगर क्लॉट बड़ा हो जाए तो फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होने लगती है। इससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- अचानक सांस फूलना
- सीने में तेज दर्द
- लगातार खांसी
- खून वाली खांसी आना
- दिल की धड़कन तेज होना
- कमजोरी और चक्कर महसूस होना
कितना खतरनाक है?
अगर क्लॉट बड़ा हो जाए तो फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होने लगती है। इससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।