वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना के खतरे से हर कोई परेशान है। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने लोगों की चिंताओं को कई गुना तक बढ़ा दिया है। भारत के संदर्भ में बात करें तो कोरोना का यह वैरिएंट देश में संक्रमण की तीसरी लहर का कारण बना हुआ है, विशेषज्ञों को मानना है कि इसका कम्युनिटी स्तर पर प्रसार हो चुका है जिसके चलते सभी लोगों को लगातार विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को कोरोना का संक्रमण हो चुका है, उनमें लॉन्ग कोविड का खतरा भी बना हुआ है, मतलब यदि आप कोरोना से ठीक चुके हैं तो भी खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
Post Covid Syndrome: 200 से अधिक तरह के हो सकते हैं लक्षण, ऐसे लोगों में खतरा अधिक, जानिए सबकुछ विस्तार से
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लॉन्ग कोविड के हो सकते हैं कई सारे लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के तौर पर कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। जुलाई 2021 में लैंसेट जर्नल ईक्लिनिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया था कि संक्रमण से उबर चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के एक-दो नहीं 200 के करीब लक्षण हो सकते हैं। संक्रमण के बाद भी लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का खतरा बना रहता है।
किन्हें लॉन्ग कोविड का जोखिम अधिक होता है?
यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट ऑफ स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के लक्षणों के बारे में जानने की कोशिश की। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों को कोविड संक्रमण के दौरान गंभीर लक्षणों को अनुभव हुआ होता है, उनमें लॉन्ग कोविड होने का खतरा अधिक होता है, हालांकि अपवाद यह भी है कि कई एसिम्टोमैटिक या हल्के लक्षण वाले लोगों में भी पोस्ट कोविड की समस्या देखने को मिली है।
लॉन्ग कोविड के इन लक्षणों के बारे में जानिए
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा जारी लक्षणों की सूची के अनुसार लॉन्ग कोविड के रूप में लोगों को श्वसन, दर्द और थकान जैसी दिक्कतें अधिक हो रही हैं। लैंसेट में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि डेल्टा से संक्रमण के बाद लोगों में थकान और कमजोरी के साथ कंपकंपी और कानों के बजने की समस्या देखी जा रही थी। इसके अलावा कुछ लोगों ने यौन रोग, दिल की धड़कन में अनियमितता, याददाश्त की कमी, धुंधला दिखाई देने की दिक्कतों के बारे में भी सूचित किया। हालांकि ओमिक्रॉन किस तरह की समस्या पैदा करता है यह देखने वाली बात होगी।
लॉन्ग कोविड से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ओमिक्रॉन संक्रमण से ठीक हो रहे कुछ लोगों में भी लॉन्ग कोविड की समस्या देखने को मिल रही है, हालांकि डेल्टा की तरह इस बार लोगों में गंभीर समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। संक्रमण से उबरने के बाद भी यदि आपमें कुछ दिक्कतें बनी रहती हैं तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क करें। लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती न करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।