कोरोना का संक्रमण पूरे शरीर की क्षमता को प्रभावित करती है। संक्रमण के दौरान और इससे ठीक होने के बाद भी लोगों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कोरोना के नए वैरिएंट्स को भले ही हल्के लक्षणों वाला माना जाता रहा हो पर इससे संक्रमितों में भी लॉन्ग कोविड का खतरा देखा जा रहा है। लॉन्ग कोविड या पोस्ट कोविड, वह स्थिति है जिसमें संक्रमण से ठीक हो जाने के बाद भी लंबे समय तक कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे थकान, कमजोरी, सांस की समस्या और कुछ स्थितियों में हृदय और फेफड़ों की बीमारियों का अनुभव होता रह सकता है।
Health Tips: कोरोना संक्रमण से ठीक होने के एक साल बाद तक भी महसूस हो रही है थकान-कमजोरी, कैसे पाएं राहत?
विटामिन सी-डी का सेवन जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद शरीर में कमजोरी महसूस होते रहना स्वाभाविक है। असल में संक्रमण से मुकाबले के दौरान शरीर में कई प्रकार के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी आ जाती है जिसके कारण आपमें ऊर्जा की कमी बनी रहती है। इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए आहार में विटामिन-सी और डी वाली चीजों को जरूर शामिल करें। सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत है। कोशिश करें कि आप हर दिन 15-20 मिनट सुबह की धूप में वॉक करें।
हाइड्रेशन का खास ख्याल रखें
पोस्ट कोविड की समस्याओं को कम करने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना महत्वपूर्ण है। तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाने से थकान और कमजोरी को कम करने में मदद मिल सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि डिहाइड्रेशन की कमी के कारण कमजोरी और गंभीर स्थितियों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। पोस्ट कोविड जटिलताओं को कम करने के लिए रोजाना कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पीने की आदत बनाएं।
व्यायाम जरूरी पर इन बातों का रखें ध्यान
शारीरिक फिटनेस को दोबारा प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञ नियमित व्यायाम करने की सलाह देते है, हालांकि पोस्ट कोविड जटिलताओं के कारण अधिक देर तक व्यायाम करने में आपको कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है। हल्के स्तर के व्यायाम को दिनचर्या में शामिल कीजिए। वॉक करना, स्ट्रेचिंग जैसे अभ्यास शारीरिक सक्रियता बढ़ाने के साथ आपकी जटिलताओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। जब तक पूरी तरह से ठीक न हो जाएं तब तक तीव्र गति वाले व्यायाम करने से बचें।
पर्याप्त नींद जरूरी
थकान-कमजोरी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में आराम की जरूरत होती है। इसमें भी रात की नींद पूरी करना बहुत आवश्यक है। शोध बताते हैं कि नींद पूरी न होने के कारण कई तरह की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के बढ़ने का जोखिम हो सकता है। यह पोस्ट कोविड जटिलताओं को भी बढ़ावा दे सकती है, इसलिए रोजाना रात में 7-9 घंटे की निर्बाध नींद लेना जरूर सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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