हम सभी को अपने बिस्तर और तकिए से बहुत प्यार होता है। अगर किसी एक दिन हम दूसरे का तकिया इस्तेमाल करें तो नींद नहीं आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपका तकिया से प्यार सेहत पर भारी पड़ सकता है। आपको जल्दी-जल्दी सर्दी-जुकाम या कफ की समस्या हो रही है तो इसका कारण भी आपके बिस्तर में छिपा हो सकता है। अगर आपको बार-बार खासी जुकाम, एलर्जी या इंफेक्शन हो रहा है तो इसका कारण आपका बिस्तर हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे आपका बिस्तर व तकिया आपको बार-बार बीमार करता
दो साल में बदलें तकिया
अगर आप किसी भी तरह के एलर्जी, इंफेक्शन, खांसी या जुकाम से बार-बार बीमार हो रहे हैं तो आपकी तकिया इसके लिए जिम्मेदार है इसलिए तकिए को जल्द से जल्द बदलिए। कई स्टडीज में यह बात सामने आई है कि किसी भी तकिए का इस्तेमाल दो साल से अधिक नहीं करना चाहिए। अगर आप दो साल से अधिक तकिए का इस्तेमाल करते हैं तो आप बीमार पड़ सकते हैं।
जानिए क्यों दो साल से अधिक न करें इस्तेमाल
तकिए और बिस्तर से जुड़ी कई स्टडीज सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दो साल से अधिक किसी तकिए का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उसमें डेड स्किन सेल्स की वजह से कई तरह के कीटाणु और बैक्टीरिया पनप जाते हैं जो सांस के जरिए हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं और हम बीमार हो जाते हैं।
इसलिए तकिया हो जाता है खराब
एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि हर 6 महीने में तकिया बदल लेना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो दो साल से अधिक किसी भी सूरत में तकिए का इस्तेमाल न करें। क्योंकि कई बार हम बालों में तेल लगाकर तकिए पर सिर रखकर सो जाते हैं। इस दौरान तकिए के अंदर मौजूद फाइबर तेल को सोख लेता है। इसके अलावा सिर के डेड स्किन सेल्स भी तकिए पर जमती रहती है। धूल के कण भी तकिए में जाते हैं और जब हम बीमार होते हैं तब भी इसी तकिए का इस्तेमाल करते हैं। लंबे समय तक रहने पर ये सब मिलकर हमारे तकिए को कीटाणुओं और बैक्टीरिया के लिए उपयुक्त स्थान बना देती हैं।
तकिए के साथ-साथ गद्दे को भी वक्त पर बदलते रहना चाहिए। अलग-अलग तरह के गद्दे की लाइफ होती है। सामान्य तौर पर गद्दे का जीवन पांच से दस साल का होता है।