दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन देने का काम तेजी से चल रहा है, तो कई देश अभी इसको लेकर कई तरह की तैयारियों में जुटे हैं। ये देश योजना बना रहे हैं कि पहले किस को और किस आधार पर कोरोना का टीका दिया जाएगा, इसकी पूरी प्रक्रिया कैसे संभव होगी जैसी चीजों पर काम चल रहा है। इन सबके बीच फाइजर कंपनी और उसके साझेदार बायोएनटेक ने वॉलंटियर्स यानी स्वयंसेवकों को कोरोना का टीका देने की योजना बनाई है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
ऐसे लोगों को मिल सकते हैं फाइजर वैक्सीन के दोनों टीके, बस करना होगा ये छोटा सा काम
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दरअसल, फाइजर और उसके साझेदार बायोएनटेक ने उन वॉलंटियर्स को ये वैक्सीन देने की योजना बनाई है, जिन्होंने इसके कोरोना वैक्सीन परीक्षण में प्लेसबो प्राप्त किया था और इन सभी के पास 01 मार्च 2021 तक वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त करने का विकल्प है। परीक्षण का वैक्सीन संक्रमण विकल्प 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी प्रतिभागियों को ये पता लगाने की अनुमति देता है कि क्या उन्हें प्लेसबो दिया गया था।
इन प्रतिभागियों में से जिन्हें प्लेसबो प्राप्त हुआ है, उनके पास अध्ययन में रहने के दौरान जांच योग्य टीका प्राप्त करने का विकल्प है। कंपनियों ने इन सभी से उनकी वेबसाइट https://www.covidvaccinestudy.com/participants पर जाकर परीक्षण के लिए खुद का आवेदन करने के लिए कहा है।
वहीं, अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन और इसके बाहर के सलाहकारों के एक पैनल ने फाइजर की 'अनब्लैंडिंग' योजना पर चिंता व्यक्त की है। इसके पीछे का कारण देते हुए उन्होंने कहा कि टीके की पूर्ण एफडीए स्वीकृति के लिए आवश्यक सुरक्षा और प्रभावशीलता का डेटा एकत्र करना जारी रखना कठिन हो सकता है।
कंपनियों ने अपनी वेबसाइट पर इस बात को कहा कि परीक्षण के दौरान जिन प्रतिभागियों को प्लेसबो प्राप्त हुआ, उनके पास अध्ययन के भीतर आरक्षित वैक्सीन की दो खुराकें लेने का मौका होगा। कंपनियों ने कहा, "अध्ययन करने वाले डॉक्टर प्रतिभागियों के लिए वैक्सीन ट्रांजिशन ऑप्शन को प्राथमिकता वाले तरीके से पेश करने के लिए अमेरिकी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और उनके स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नवीनतम मार्गदर्शन का पालन करेंगे।"