हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक पेपरफ्राई कंपनी के को-फाउंडर अंबरीश मूर्ति की लेह में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई, वह 44 साल के थे। कम उम्र में हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत के मामले लंबे समय से बड़ी चिंता का विषय रहे हैं। कोरोना के बाद से इसका जोखिम और भी अधिक देखा जा रहा है।
Cardiac Arrest: पेपरफ्राई के को-फाउंडर की कार्डियक अरेस्ट से मौत, सावधान- सोते-सोते भी जा सकती है जान
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समस्या मान लिया जाता है, पर ये दोनों अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक (दिल का दौरा) तब होता है जब कोरोनरी आर्टरी अवरुद्ध हो जाती है। इसके कारण हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने की स्थिति में इनमें क्षति होने का खतरा हो सकता है।
वहीं कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब किसी व्यक्ति का हृदय उसके शरीर में रक्त पंप करना ही बंद कर देता है।
सोते-सोते भी हो सकता है कार्डियक अरेस्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले देखे जा रहे हैं। नींद में सडेन कार्डियक अरेस्ट (एससीए) के जोखिमों को लेकर भी सावधानी बरतते रहना चाहिए। इसके कई कारण हैं जिसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है। कुछ आनुवंशिक स्थितियां जैसे लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम, ब्रुगाडा सिंड्रोम और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी आपमें सडेन कार्डियक अरेस्ट के खतरे को बढ़ा सकती है।
संरचनात्मक हृदय असामान्यताओं, जन्मजात हृदय दोष या हृदय की विद्युत प्रणाली बाधित होने के कारण भी इसका जोखिम हो सकता है।
कैसे करें कार्डियक अरेस्ट की पहचान?
सडेन कार्डियक अरेस्ट के लक्षण बहुत तेजी से विकसित होते हैं और गंभीर हो सकते हैं। इसमें अचानक बेहोश होने, नाड़ी न चलने, सांस न आने या होश खो देने की समस्या हो सकती है। कभी-कभी सडेन कार्डियक अरेस्ट से पहले अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, जिसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। इन स्थितियों में सीने में बेचैनी, सांस लेने में कठिनाई होने, दिल के तेजी से धड़कने की समस्या हो सकती है।
कार्डियक अरेस्ट से बचाव के लिए क्या करें?
हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय करके अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट को रोकने में मदद मिल सकती है। इसके लिए लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखना भी आवश्यक माना जाता है।
- स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित रूप से हृदय की जांच कराएं।
- धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन न करें।
- रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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