Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन
संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर
डिग्री- एम.बी.बी.एस
अनुभव- 28 वर्ष
रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है। ये ऐसा दान है जिसके लिए आज की तारीख में कोई मना नहीं करता है क्योंकि सभी जानते हैं कि रक्तदान करके किसी की जान को बचाया जा सकता है लेकिन हर व्यक्ति रक्तदान नहीं कर सकता है। रक्तदान करने के लिए बहुत जरूरी है कि रक्तदाता स्वस्थ हो, यदि रक्तदाता अस्वस्थ हो तो वो सामने वाले के लिए और समस्याएं ही खड़ी करता है इसलिए जरूरी है कि रक्तदान करने से पहले ये बातें जान लें। अगली स्लाइड्स से चिकित्सक से जानिए कि किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
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सर्दी-जुकाम का जीवाणु संक्रामक होता है
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सर्दी- जुकाम हो
जिन लोगों को सर्दी- जुकाम हो, उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना उन लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है जिन्हें वे खून देने जा रहे हैं क्योंकि सर्दी-जुकाम का जीवाणु संक्रामक होता है। जिससे कि उस व्यक्ति तक ये वायरस पहुंच सकता है जो कि पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहा है और उसे खून की आवश्यकता है।
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ऐसे लोग में खुद खून की कमी हो सकती है
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सामान्य से कम है वजन
हर किसी को रक्तदान करने का अधिकार नहीं होता है। खून वही लोग दे सकते हैं जो कि खुद स्वस्थ हों। जिन लोगों का वजन सामान्य से कम होता है अर्थात 18 वर्ष से अधिक के लोग जिनका वजन 50 किलो से कम हो, चाहे वे महिला या पुरुष हों, वे रक्त नहीं दे सकते क्योंकि कई बार ऐसे लोग में खुद खून की कमी हो सकती है इसलिए उन्हें रक्त देने के लिए सक्षम नहीं माना जाता है।
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हीमोग्लोबिन की जांच जरूर करवाएं
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हीमोग्लोबिन की कमी
यदि किसी व्यक्ति का हीमोग्लोबिन कम हो तो वो रक्त नहीं दे सकता है। रक्तदान के लिए जरूरी है कि आप खुद अस्वस्थ न हों। आपका हीमोग्लोबिन 12 प्रतिशत से यदि कम है तब तो आपके खुद के पास पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं है, ऐसे में आप किसी अन्य को खून नहीं दे सकते हैं इसलिए रक्त देने से पहले खुद की हीमोग्लोबिन की जांच जरूर करवाएं।
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6 महीने तक रक्तदान न करें
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टैटू बनवाया हो
आजकल युवाओं में टैटू बनवाने का ट्रेंड बहुत प्रचलित है। ऐसे में टैटू बनवाने में तो कोई बुराई नहीं है लेकिन यदि आपने इस दौरान खून दिया तो आपको तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन सामने वाले के लिए यह किसी जोखिम से कम नहीं है क्योंकि ऐसा करने पर हेपेटाइटिस वायरस के ट्रांसफर होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं इसलिए 6 महीने तक रक्तदान न करें।