क्या आप जानते हैं कि कई बार दो अलग-अलग बीमारियों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं? लक्षण एक जैसे होने के कारण असली समस्या का पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है। पैनिक अटैक और हार्ट अटैक भले ही दो अलग-अलग स्थितियां हैं पर इसके लक्षण भी अक्सर एक जैसे ही दिखाई देते हैं।
चिंता: पैनिक अटैक समझकर कहीं हार्ट अटैक को नजरअंदाज तो नहीं कर रहे? कैसे समझें क्या है असली समस्या
पैनिक अटैक और हार्ट अटैक में सीने का दर्द, तेज धड़कन, सांस फूलना, चक्कर और पसीना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। हार्ट अटैक में दर्द हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक जा सकता है। महिलाओं में सांस फूलना, मतली और असामान्य थकान भी प्रमुख संकेत हैं।
पैनिक अटैक और हार्ट अटैक
पैनिक अटैक में तेज डर या घबराहट के साथ धड़कन तेज होने, सांस लेने में परेशानी, चक्कर और सीने में दर्द हो सकता है। दूसरी ओर हार्ट अटैक में सीने के बीच दबाव, जकड़न या दर्द के साथ इसके हाथ, पीठ या जबड़े तक बढ़ने की दिक्कत हो सकती है।
- महिलाओं में कभी-कभी असामान्य थकान, सांस फूलने, मतली जैसी परेशानी भी देखी जाती है। इसलिए सीने में दर्द से जुड़े लक्षणों को सिर्फ पैनिक अटैक मानकर छोड़ना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
हार्ट अटैक में किन संकेतों पर ध्यान दें?
हार्ट अटैक में सीने के बीच दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द कुछ मिनटों से ज्यादा रह सकता है या कम होकर फिर लौट सकता है।
- दर्द या परेशानी एक या दोनों हाथ, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट तक फैल सकती है।
- सांस फूलना, ठंडा पसीना, मतली और चक्कर भी हो सकते हैं।
- हार्ट अटैक के कई मामलों में पेट में गड़बड़ी से भी जुड़ी समस्या हो सकती है, इन संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
कैसे जानें ये हार्ट अटैक है या पैनिक अटैक?
डॉक्टर कहते हैं, हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जबकि पैनिक अटैक आमतौर पर कुछ मिनटों में अपने आप शांत हो जाता है।
- पैनिक अटैक अक्सर तनाव, डर, ज्यादा चिंता, नींद की कमी या किसी ट्रिगर के कारण अचानक आता है। यह कुछ मिनट से लेकर कुछ घंटे तक रह सकता है। वहीं हार्ट अटैक के लक्षण लगातार बढ़ते रहते हैं और आराम करने पर भी कम नहीं होते।
- अगर सीने में दर्द लगातार बढ़ रहा है और ये बाएं हाथ या जबड़े तक फैल रहा है, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। लेकिन अगर अचानक डर, घबराहट और सांस तेज होना महसूस हो और कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो जाए, तो यह पैनिक अटैक माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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