ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल इसके अनुमानित 24 लाख नए मामले सामने आते हैं और 6.94 लाख लोगों की मौत हो जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्तन कैंसर को सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या मानने की गलती नहीं करनी चाहिए। कम उम्र वाले यहां तक कि 30 से कम उम्र वाली महिलाओं में भी इसका खतरा हो सकता है।
सावधान: स्तन में गांठ महसूस नहीं हो रही फिर भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? इन संकेतों पर भी दें ध्यान
ब्रेस्ट कैंसर की पहचान केवल गांठ से नहीं होती। निप्पल का अंदर खिंचना, त्वचा में गड्ढे या लालिमा, ब्रेस्ट के आकार में बदलाव, असामान्य डिस्चार्ज, बगल में गांठ और लगातार दर्द भी ध्यान देने वाले संकेत हैं।
स्तनों में गांठ की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई बार ब्रेस्ट कैंसर होने पर गांठ महसूस नहीं होती और शरीर में दूसरे बदलाव दिखाई दे सकते हैं। निप्पल का अंदर की तरफ खिंचना, ब्रेस्ट की त्वचा में गड्ढे पड़ना, ब्रेस्ट के आकार में अचानक बदलाव या निप्पल से तरल पदार्त निकलना भी संकेत है कि आप खतरे में हैं।
- वहीं ब्रेस्ट के किसी हिस्से में लगातार दर्द या नई गांठ महसूस होने का भी ये मतलब नहीं है कि आपको कैंसर है।
- कई बिना-कैंसर वाली स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए स्तन में महसूस होने वाली किसी भी असामान्य स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
निप्पल में बदलाव तो नहीं?
ब्रेस्ट कैंसर के कई मरीजों में निप्पल के अचानक अंदर की ओर खिंचने, निप्पल के आसपास की त्वचा में लालिमा या पपड़ी पड़ने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- कई बार निप्पल से बिना दूध के तरल निकलने जैसे बदलाव भी दिखाई दे सकते हैं।
- अगर निप्पल से डिस्चार्ज के साथ खून के अंश भी दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। हालांकि हर बार ये कैंसर का संकेत हों ऐसा भी जरूरी नहीं है।
इन संकेतों पर भी दें ध्यान
- स्तन की त्वचा में गड्ढे पड़ना, त्वचा मोटी या सूजी हुई दिखना या उसकी बनावट बदलाव पर भी गंभीरता से ध्यान दें
- ब्रेस्ट के आकार में अचानक बदलाव भी चेतावन की संकेत माना जाता है जिसमें डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
- ब्रेस्ट के अलावा बगल में नई गांठ या सूजन हो या पिर स्तन के किसी हिस्से में लगातार दर्द रहता है तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- इन संकेतों की समय रहते पहचान से बीमारी के बढ़ने या किसी गंभीर जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्तनों में कुछ भी असामान्य बदलाव दिखने पर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। स्क्रीनिंग मैमोग्राम ऐसे कैंसर का भी पता लगा सकता है जिसे अभी महसूस नहीं किया जा सकता। समय रहते कैंसर का पता चल जाए तो इसके ठीक होने पर गंभीर जोखिमों से बचने की संभावना बढ़ जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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