आपने भी कई लोगों को पैनिक अटैक की समस्या से परेशान देखा होगा। अचानक घबराहट और चिंता की ये समस्या भय की शारीरिक संवेदनाओं का कारण बनती है। इस स्थिति में दिल की धड़कनों के तेज होने, सांस लेने में तकलीफ होने, चक्कर आने, कंपकंपी और मांसपेशियों में दर्द की दिक्कत हो सकती है। पैनिक अटैक अक्सर अप्रत्याशित रूप से होते हैं और अक्सर किसी बाहरी खतरे से संबंधित नहीं होते हैं। पैनिक अटैक की स्थिति में आपको ऐसा लग सकता है जैसे आप शरीर से नियंत्रण खो रहे हैं या आपको हार्ट अटैक हो रहा है।
Panic Attack: हार्ट अटैक से मिलते-जुलते होते हैं पैनिक अटैक के लक्षण, जानिए कैसे करें इससे बचाव
हार्ट अटैक जैसे लक्षण पर, ये अलग समस्या है
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैनिक अटैक की समस्या में ज्यादातर लक्षण हार्ट अटैक जैसे हो सकते हैं, हालांकि स्थिति का समय पर सही निदान किया जाना आवश्यक माना जाता है। पैनिक अटैक आमतौर पर बिना किसी चेतावनी के अचानक शुरू हो सकता है। पैनिक अटैक कम होने के बाद आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
हार्ट अटैक की ही तरह पैनिक अटैक के कारण भी आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, पसीने की समस्या होने लगती है, मितली और छाती में दर्द का भी अनुभव होता रह सकता है। ऐसे ही लक्षण हार्ट अटैक के भी माने जाते रहे हैं।
पैनिक अटैक में और क्या होते हैं लक्षण?
पैनिक अटैक के लक्षण आमतौर पर बिना किसी चेतावनी के अचानक शुरू होते हैं। पैनिक अटैक की सबसे गंभीर दिक्कत ये है कि इसमें लोगों को लगता है उन्हें हार्ट अटैक आ रहा है। पैनिक अटैक की स्थिति में आपको कुछ और तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
- खतरे का आभास होना।
- शरीर पर नियंत्रण खोना या मृत्यु का डर।
- हृदय गति का बढ़ना- पसीना आना।
- सांस लेने में तकलीफ या गले में जकड़न
- जी मिचलाना-पेट में ऐंठन
- छाती में दर्द- सिरदर्द
क्यों आता है पैनिक अटैक
वैज्ञानिक कहते हैं, ये समझा नहीं जा सका है कि आखिर पैनिक अटैक क्यों आता है, पर इसके लिए कुछ स्थितियां जिम्मेदार हो सकती है। आनुवंशिकी, तनाव की समस्या और मस्तिष्क में कुछ प्रकार की परिवर्तनों कारण पैनिक अटैक आ सकता है।
कुछ शोध से पता चलता है कि खतरे के प्रति आपके शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया भी पैनिक अटैक को बढ़ाने वाली हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य विकारों के शिकार लोगों में इस समस्या के विकसित होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
पैनिक अटैक से बचाव कैसे करें?
पैनिक अटैक या पैनिक डिसऑर्डर को रोकने का कोई विशिष्ट तरीका नहीं है। हालांकि कुछ तरीकों का पालन करके इससे बचाव किया जा सकता है।
- जितनी जल्दी हो सके पैनिक अटैक का इलाज कराएं ताकि उसे बदतर होने या बार-बार होने से रोका जा सके।
- पैनिक अटैक के लक्षणों को दोबारा होने या बिगड़ने से रोकने में मदद के लिए दिनचर्या और आहार को स्वस्थ रखें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें, जिससे स्ट्रेस की समस्या को कंट्रोल किया जा सके।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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