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युवाओं पर ही नहीं, बुजुर्गों पर भी शानदार असर दिखा रही है एस्ट्रोजेनेका की कोरोना वैक्सीन: रिपोर्ट

Mon, 26 Oct 2020 01:57 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Mon, 26 Oct 2020 01:57 PM IST
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Oxford AstraZeneca Covid-19 vaccine seen effective in elderly people to fight Coronavirus pandemic
कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और असरदार वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन में कुछ टीकों को मंजूरी तो दे दी गई है, लेकिन तीसरे चरण का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। वहीं, भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में कुछ वैक्सीन कैंडिडेट्स के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। इन्हीं में से एक है- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से एस्ट्राजेनेका कंपनी इस वैक्सीन को विकसित कर रही है। इस वैक्सीन के बारे में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्गों पर भी इस टीके का शानदार असर देखा जा रहा है। टीका लगाने के बाद उनमें मजबूत एंटीबॉडी तैयार हुई है, जो कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम है। 



Oxford AstraZeneca Covid-19 vaccine seen effective in elderly people to fight Coronavirus pandemic
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट एक रिपोर्ट में वैक्सीन डेवलपमेंट से जुड़े दो लोगों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि कोविड-19 महामारी से मुकाबला करने के लिए एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ने मानव शरीर में मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रायल में शामिल बुजुर्गों लोगों पर वैक्सीन का ऐसा असर देखा गया है। इससे पहले युवाओं पर भी वैक्सीन के असरदार साबित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।

Oxford AstraZeneca Covid-19 vaccine seen effective in elderly people to fight Coronavirus pandemic
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एस्ट्राजेनेका कंपनी जिस वैक्सीन का निर्माण कर रही है, उससे बड़े आयु वर्ग के लोगों में सुरक्षात्मक एंटीबॉडी तो पैदा हुई ही है, इसके साथ टी-कोशिकाओं का भी उत्पादन हुआ है। किसी बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडी और टी-कोशिकाओं की भूमिका अहम होती है। अधिकतर वैक्सीन केवल एंटीबॉडी बनाती है, लेकिन इसने टी-कोशिकाएं भी विकसित की है।

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Oxford AstraZeneca Covid-19 vaccine seen effective in elderly people to fight Coronavirus pandemic
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

बता दें कि शुरुआती चरणों के ट्रायल में वैक्सीन ने शानदार असर दिखाया था। जुलाई में हुए शुरुआती चरणों के ट्रायल की रिपोर्ट में पता चला था कि वैक्सीन ने 18-55 वर्ष की आयुवर्ग के व्यस्कों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा की है। बुजुर्गों के शरीर में भी एंटीबॉडी और टी-कोशिकाओं का बनना वैक्सीन की सफलता की ओर इंगित करती है।

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Oxford AstraZeneca Covid-19 vaccine seen effective in elderly people to fight Coronavirus pandemic
CoronaVirus Vaccine Trial - फोटो : iStock/Amar Ujala

बता दें कि ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान ब्राजील में एक वॉलेंटियर की मौत के बाद तीसरे चरण का ट्रायल रोक दिया गया था। हालांकि जांच में पता चला कि जिस वॉलेंटियर की मौत हुई थी, उसे कोरोना की वैक्सीन नहीं दी गई थी। अन्य देशों के साथ अमेरिका में भी वैक्सीन का ट्रायल फिर से शुरू किया जा चुका है।

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