शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ और मजबूत रहना सबसे आवश्यक होता है। हड्डियों में किसी प्रकार की समस्या शरीर की गतिविधि और संरचना दोनों को प्रभावित कर सकती है। समय के साथ-साथ लोगों को हड्डियों से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं, ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी ही एक गंभीर समस्या है। इस रोग में हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को इतना कमजोर बना देता है कि हल्की सी चोट या झुकने यहां तक कि छींकने या खांसने से भी फ्रैक्चर होने का डर बना रहता है। कूल्हे, कलाई या रीढ़ में, ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
ऑस्टियोपोरोसिस: छींकने-खांसने से भी टूट सकती हैं हड्डियां, जानिए इस रोग के लक्षण और बचाव के तरीके
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ऑस्टियोपोरोसिस के क्या लक्षण हो सकते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती चरणों में सामान्यत: कोई भी लक्षण या संकेत नजर नहीं आते हैं। ज्यादातर मामलों में लोगों को इस समस्या के बारे में तब तक पता नहीं चल पाता है जबतक कि उन्हें फ्रैक्चर न हो जाए। विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही आपमें ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण नहीं हैं, लेकिन परिवार में किसी को इस तरह की समस्या रह चुकी है तो डॉक्टर से बात करके अपने जोखिमों का आकलन करने में मदद मिल सकती है। यदि आपमें इसका जोखिम अधिक है और हड्डियों में दर्द या किसी अन्य तरह की समस्या है तो इस बारे में डॉक्टर से बात जरूर करें।
किन कारणों से होती है ऑस्टियोपोरोसिस की दिक्कत?
ऑस्टियोपोरोसिस के संभावित कारणों में हाइपरथायरायडिज्म जैसी कुछ चिकित्सीय स्थितियां शामिल हैं। इन बीमारियों में ली जाने वाली दवाओं के कारण भी यह समस्या हो सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस का सबसे बड़ा जोखिम कारक है-उम्र। उम्र बढ़ने के साथ इन समस्याओं का खतरा अधिक हो जाता है। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा स्वाभाविक रूप से अधिक होता है जो मेनोपॉज के बाद और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा यदि आपके परिवार में किसी को यह दिक्कत रह चुकी है तो इसका खतरा आपको भी अधिक हो सकता है। कैल्शियम की कमी को भी इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।
ऑस्टियोपोरोसिस का क्या इलाज है??
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस का कोई इलाज नहीं है, हालांकि डॉक्टर कुछ उपायों के माध्यम से हड्डियों को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव की सलाह दे सकते हैं। रोगी को कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन बढ़ाने के साथ-साथ उचित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। पुरुषों में, टेस्टोस्टेरोन थेरेपी के माध्यम से हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा कुछ दवाइयों की सहायता से भी हड्डियों की क्षति को रोका जा सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस के कई जोखिम कारक हैं जिन्हें आप नियंत्रित नहीं कर सकते हैं, इनमें लिंग, बुढ़ापा होना और पारिवारिक इतिहास शामिल है। हालांकि, कुछ कारकों को नियंत्रित करके इस समस्या से बचा जा सकता है। हड्डियों को जीवन भर स्वस्थ रखने के लिए अच्छा पोषण और नियमित व्यायाम सबसे आवश्यक है। आहार में प्रोटीन, विटामिन-डी और कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाना सबसे अच्छा विकल्प है। यदि आपमें इस रोग के जोखिम कारक हैं तो डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें।
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स्रोत और संदर्भ:
Osteoporosis causes bones to become weak and brittle
अस्वीकरण नोट: यह लेख तमाम मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।