डॉ दरख्शां रिजवान
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को विशेषज्ञ काफी आक्रामक मानते हैं। वायरस के म्यूटेशन के कारण संक्रमण का गंभीरता और इससे होने वाली मौत के आंकड़ों में इस बार काफी इजाफा देखने के मिला है। देश अभी कोरोना संक्रमण से उबर भी नहीं पाया था कि ब्लैक-फंगस संक्रमण के मामलों ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लैक फंगस संक्रमण के कारण लोगों को नाक और आंखों में सूजन, दांतों में दर्द और कमजोरी की समस्या देखने को मिल रही है।
म्यूकोरमाइकोसिस नामक यह बीमारी आमतौर पर उन रोगियों में देखी जा रहा है जिनकी इम्यूनिटी पहले से कमजोर हो या कोविड के इलाज के दौरान जिन्हें लंबे समय तक स्टेरॉयड दिया गया हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो ओरल हाइजीन यानी मुंह की स्वच्छता पर ध्यान देकर ब्लैक फंगस सहित अधिकांश वायरल और फंगल संक्रमणों से बचा जा सकता है।
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सलाह: ब्लैक फंगस संक्रमण से बचना चाहते हैं तो रखें मौखिक स्वच्छता का ध्यान, ये टिप्स हैं बेहद फायदेमंद
Mon, 24 May 2021 01:18 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Mon, 24 May 2021 01:18 PM IST
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मौखिक स्वच्छता है बहुत जरूरी
- फोटो : iStock
जीभ-मसूड़ों को प्रभावित कर सकते हैं फंगस
- फोटो : Pixabay
गंभीर समस्याएं पैदा कर रहा है संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लैक फंगस संक्रमण के चलते मौखिक ऊतकों का रंग में बदलाव, जीभ-मसूड़ों में समस्या, बंद नाक, चेहरे में सूजन, आंखों के नीचे काले रंग के धब्बे, बेचैनी, बुखार और गंभीर सिरदर्द की समस्या हो सकती है। यदि आप मौखिक स्वच्छता रखते हैं तो म्यूकोरमाइकोसिस के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके लिए सभी लोगों को किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए?
मुंह में बैक्टीरिया या फंगस को बढ़ने से रोकें
- फोटो : social media
मौखिक स्वच्छता क्यों जरूरी है?
डॉक्टरों के मुताबिक स्टेरॉयड और अन्य दवाओं के कारण कोविड से ठीक होने के बाद मुंह में बैक्टीरिया या फंगस के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। यह साइनस, फेफड़े और मस्तिष्क को भी क्षति पहुंचा सकते हैं, इस वजह से कोविड से ठीक हो चुके लोगों को ओरल हाइजीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दिन में दो-तीन बार ब्रश और अच्छे माउथवॉश से कुल्ला करके ओरल हाइजीन को ठीक रखने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक स्टेरॉयड और अन्य दवाओं के कारण कोविड से ठीक होने के बाद मुंह में बैक्टीरिया या फंगस के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। यह साइनस, फेफड़े और मस्तिष्क को भी क्षति पहुंचा सकते हैं, इस वजह से कोविड से ठीक हो चुके लोगों को ओरल हाइजीन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दिन में दो-तीन बार ब्रश और अच्छे माउथवॉश से कुल्ला करके ओरल हाइजीन को ठीक रखने में मदद मिल सकती है।
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गरारे करके मुंह को रखें साफ
- फोटो : social media
गरारे और माउथवॉश
ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण से बचने के लिए कोविड से रिकवरी के बाद सभी लोगों को दांत, जीभ और मसूड़ों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसके लिए नमक पानी के गरारे कर सकते हैं। इसके अलावा अच्छे माउथवॉश के प्रयोग से भी इस तरह की दिक्कतों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण से बचने के लिए कोविड से रिकवरी के बाद सभी लोगों को दांत, जीभ और मसूड़ों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसके लिए नमक पानी के गरारे कर सकते हैं। इसके अलावा अच्छे माउथवॉश के प्रयोग से भी इस तरह की दिक्कतों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
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कोविड रिकवरी के बाद ब्रश और टंग क्लीनर बदल लें
- फोटो : getty images
ब्रश को बदल लें
कोविड से ठीक होने के बाद संक्रमण के दौरान प्रयोग में लाए गए ब्रश और टंग क्लीनर को अच्छे से रैप करके फेंक देना चाहिए। रिकवरी के बाद नए ब्रश और टंग क्लीनर को प्रयोग में लाएं। इसके अलावा ब्रश और टंग क्लीनर को नियमित रूप से एंटीसेप्टिक से साफ करते रहने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह के उपायों को प्रयोग में लाकर आप ब्लैक फंगस संक्रमण से खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
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नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने हेतु लखनऊ की मशहूर मौखिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ दरख्शां रिजवान से बातचीत के आधार पर बनाया गया है। संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
कोविड से ठीक होने के बाद संक्रमण के दौरान प्रयोग में लाए गए ब्रश और टंग क्लीनर को अच्छे से रैप करके फेंक देना चाहिए। रिकवरी के बाद नए ब्रश और टंग क्लीनर को प्रयोग में लाएं। इसके अलावा ब्रश और टंग क्लीनर को नियमित रूप से एंटीसेप्टिक से साफ करते रहने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह के उपायों को प्रयोग में लाकर आप ब्लैक फंगस संक्रमण से खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
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नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने हेतु लखनऊ की मशहूर मौखिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ दरख्शां रिजवान से बातचीत के आधार पर बनाया गया है। संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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