दुनियाभर में इलाज में लापरवाही के चलते कई मरीज अपनी जान गंवा देते हैं। डॉक्टरों की जरा-सी गलती मरीज की जीवन लीला समाप्त कर देती है। एक नए अध्ययन का कहना है कि इलाज में लापरवाही के कई मामले तो ऐसे होते हैं जिन्हें थोड़ी-सी सावधानी बरतने पर डॉक्टर आसानी से रोक सकते थे। सर्जरी और इलाज के दौरान डॉक्टरों की जरा-सी चूक मरीज को या तो विकलांग बना देती है या फिर उसे मौत के मुंह में पहुंचा देती है।
इलाज में लापरवाही: डॉक्टरों की गलती, मरीजों को ऐसे पड़ती है भारी
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यह अध्ययन बताता है कि विश्व में 12 में से एक मरीज को इलाज में लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है। हजारों की मौत हो जाती है और लाखों विकलांग हो जाते हैं। इस अध्ययन को मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। अध्ययन का कहना है कि इलाज में लापरवाही के छह फीसदी मामले तो ऐसे होते हैं जो सावधानी से रोके जा सकते थे। सतर्कता से डॉक्टर दुनियाभर में इलाज में लापरवाही के आधे मामलों पर रोक लगा सकते हैं। अध्ययन यह बात भी कहता है।
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च का भी कहना है कि साल 2000 से लेकर 2009 तक लंदन में डॉक्टरों ने इलाज के दौरान छह फीसदी लोगों के जान को जोखिम में डाला। हालांकि इन मामलों में ऐसा भी नहीं है कि डॉक्टर जानबूझकर लगतियां करते हैं।