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राहत भरी खबर: ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञ का बड़ा दावा, इन बातों को ध्यान में रखने की दी सलाह

Sun, 05 Dec 2021 04:14 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 05 Dec 2021 04:14 PM IST
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Omicron will not be causing severe condition than other Corona variants, Says experts
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने बढ़ाई मुश्किलें - फोटो : pixabay

दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। भारत में भी ओमिक्रॉन के पांच मामले सामने आ चुके हैं, हाल ही में राजधानी दिल्ली में तंजानिया से लौटे एक व्यक्ति में कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण की पहचान की गई है। देश में बढ़ते ओमिक्रॉन के केस को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अध्ययनों के मुताबिक कोरोना के इस वैरिएंट में 30 से अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं जो इसे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक और वैक्सीन से शरीर में बनीं प्रतिरक्षा को चकमा देने के योग्य बनाते हैं।



संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के विशेषज्ञों ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर के शोधकर्ता वर्तमान में ओमिक्रॉन के पहलुओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा सहित अन्य प्रकार की तुलना में यह अधिक घातक है या नहीं? इस बीच वैज्ञानिकों की एक टीम ने ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर राहत भरा दावा किया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं।

Omicron will not be causing severe condition than other Corona variants, Says experts
कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट - फोटो : Pixabay

ओमिक्रॉन से बचाव के लिए बूस्टर डोज की आवश्यकता
ओमिक्रॉन को लेकर अब तक हुए कई अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि यह वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को बेअसर करने में सक्षम है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को, विशेषकर जिनकी इम्यूनिटी पहले से ही बहुत कमजोर है, उन्हें वैक्सीन के बूस्टर डोज की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि एक अन्य रिपोर्ट में लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में वायरोलॉजी के प्रोफेसर पोली रॉय ने कहा है कि लोगों को इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है, ओमिक्रॉन गंभीर संक्रमण का कारण बनता हुआ नहीं दिख रहा है। 

Omicron will not be causing severe condition than other Corona variants, Says experts
ओमिक्रॉन से गंभीर संक्रमण का खतरा नहीं - फोटो : Pixabay

ज्यादा खतरनाक नहीं है ओमिक्रॉन
प्रोफेसर पोली रॉय कहते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में सबसे ज्यादा म्यूटेशनों के बारे में पता चला है, लेकिन इसकी प्रकृति को लेकर किए गए अब तक के अध्ययनों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि कोरोना के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में यह अधिक खतरनाक नहीं होगा। जहां तक संक्रमण का सवाल है, मौजूदा कोविड-19 टीकों को ओमिक्रॉन के खिलाफ 100 फीसदी प्रभावी तो नहीं माना जा सकता हैं, लेकिन फिर भी संक्रमण को रोकने में वह मदद जरूर होंगे।

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Omicron will not be causing severe condition than other Corona variants, Says experts
ओमिक्रॉन से संक्रमण को जोखिम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी हालिया बयान में कहा गया है कि प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण अफ्रीका के अस्पतालों में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि अधिकतर रोगियों में मध्यम स्तर का संक्रमण देखने को मिल रहा है। इससे दो बातें पता चलती हैं, पहला ओमिक्रॉन वैरिएंट की संक्रामक अधिक है, और दूसरा यह फिलहाल गंभीर संक्रमण का कारण नहीं बन रहा है।

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टीकाकरण है बहुत आवश्यक - फोटो : Pixabay

ओमिक्रॉन से बचाव के लिए वैक्सीनेशन बहुत आवश्यक
प्रोफेसर पोली रॉय कहते हैं, भले ही ओमिक्रॉन में कुछ बदलाव देखे गए हैं, लेकिन यह पूरी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा नहीं दे सकता है। फिलहाल वैक्सीन ही एकमात्र तरीका है जिससे हम वास्तव में वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिग जरूरी है, लेकिन गंभीर खतरे से बचे रहने के लिए वैक्सीन की दोनों डोज अब भी सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच हैं। सभी लोगों को वैक्सीनेशन जरूर करा लेना चाहिए।



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नोट: यह लेख सोशल मीडिया से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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