दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां अब तक 200 से अधिक लोगों में कोरोना के इस खतरनाक वैरिएंट के संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। अब तक के अध्ययनों के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का यह नया वैरिएंट पिछले वैरिएंट्स के मुकाबले अधिक संक्रामक है, हालांकि इससे संक्रमण की स्थिति में लोगों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को कोरोना के इस खतरे से बचाव के लिए आवश्यक उपायों का लगातार पालन करते रहना चाहिए।
Omicron Variant: लक्षण दिखने के कितने दिन बाद कराएं टेस्ट? कैसे जानें यह ओमिक्रॉन का ही संक्रमण है
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ओमिक्रॉन संक्रमण के क्या लक्षण होते हैं?
ओमिक्रॉन के बारे में जानने के लिए विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं, हालांकि अब तक की रिपोर्ट्स के आधार पर पता चलता है कि ओमिक्रॉन के कुछ लक्षण डेल्टा जैसे जबकि कुछ लक्षण इससे अलग हो सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ओमिक्रॉन संक्रमण के शिकार रह चुके लोगों में हल्का बुखार, थकान, गले में खरोंच के साथ दर्द और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे लक्षणों को लेकर सभी लोगों को सावधान रहना चाहिए।
कब कराएं टेस्ट?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोविड-19 के लक्षण नजर आते ही, आपको तुरंत अपना परीक्षण करवाना चाहिए। सामान्यतौर पर कोरोनावायरस का इक्युवेशन पीरियड 1-14 दिनों तक का माना जाता है। इक्युवेशन पीरियड का मतलब, संक्रमित होने से लक्षण विकसित या नोटिस होने तक का समय होता है। आमतौर पर संक्रमण के पांचवे दिन तक लक्षण स्पष्ट हो जाते हैं, ऐसे में यदि आपमें पांच दिन या उससे अधिक समय तक लक्षण बने रहते हैं, तो इसकी जांच जरूर करा लें।
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, किसी व्यक्ति के वायरस से संक्रमित होने के बाद उसके लक्षण दिखने में औसतन पांच से छह दिन लगते हैं, हालांकि इसमें 14 दिन तक का समय लग सकता है। कुछ लोगों में संक्रमण के एसिम्टोमैटिक लक्षण भी हो सकते हैं, ऐसे में यदि हाल-फिलहाल आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं तो स्वयं का परीक्षण करवाना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां कोविड-संक्रमितों की संख्या अधिक है, तो आवश्यक सावधानी बरतें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज़ न करें।
टेस्ट पॉजिटिव आने पर क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं जिन लोगों का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आ जाए उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक यदि आपमें हल्के लक्षण हैं, तो कम से कम 10 दिनों के लिए स्वयं को आइसोलेट कर लें। आइसोलेशन की अवधि के दौरान, अपने लक्षणों की नियमित रूप से निगरानी करते रहें। इस दौरान यदि लक्षण गंभीर हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।