क्या आपको भी अक्सर कब्ज की समस्या बनी रहती है, पेट भारी-भारी सा लगता है और शौच करने में दिक्कत होती है?
हेल्थ अलर्ट: क्या आपको भी रहती है कब्ज की दिक्कत? कहीं ये गलतियां तो नहीं कर रहे आप
कब्ज में मल सख्त हो जाता है, शौच में कठिनाई या पेट पूरी तरह साफ न होने की समस्या हो सकती है। डाइट में फाइबर की कमी, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण ये दिक्कत हो सकती है। लगातार कब्ज रहती है तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर कब्ज लगातार बना रहे या इसके साथ खून आए, पेट में तेज दर्द, उल्टी या वजन कम होने जैसी दिक्कतें हैं तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। पेट की कुछ गंभीर बीमारियों में भी कब्ज जैसे लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें कब्ज का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं?
डाइट में फाइबर की कमी
- फाइबर वाली चीजें मल को नरम बनाकर आंतों से गुजरने में मदद करतीं है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं।
- अच्छी सेहत के लिए डाइट में फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।
- फाइबर वाली चीजों के साथ में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना भी जरूरी है। पानी की कमी से पेट की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
शारीरिक गतिविधि की कमी
शरीर में पानी या तरल पदार्थों की कमी और लंबे समय तक बैठे रहने से कुछ लोगों में कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से चलने-फिरने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। ये आदतें पाचन को बेहतर रखने में मदद करती हैं। अच्छी सेहत के लिए रोजाना 2-3 लीटर पानी पीना जरूरी माना जाता है।
शौच को रोकने की आदत
बार-बार शौच की इच्छा को रोकने की आदत भी कब्ज को बढ़ावा दे सकती है। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय नियमित समय पर टॉयलेट जाने की आदत बनाना चाहिए। पैरों के नीचे छोटा स्टूल रखने से भी कुछ लोगों को शौच के दौरान बेहतर पोजीशन मिल सकती है।
- कुछ दवाएं और आयरन सप्लीमेंट भी कब्ज का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, थायरॉइड, डायबिटीज या आंतों से जुड़ी कुछ बीमारियों में भी कब्ज की दिक्कत बढ़ सकती हैं।
कब्ज से बचाव के क्या तरीके हैं?
- रोजाना फाइबर वाले खाद्य पदार्थ लें।
- पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं।
- नियमित वॉक या दूसरी शारीरिक गतिविधि करें।
- शौच की इच्छा को न रोकें।
कब्ज बार-बार होने पर इसके कारणों को जानने के लिए समय रहते डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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