भारत में सदियों से संपूर्ण स्वास्थ्य की देखभाल के लिए विशेषज्ञ आयुर्वेद को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जड़ी-बूटियों और औषधियों का सेवन करके न सिर्फ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है, साथ ही कई तरह की गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में भी औषधियों को विशेष लाभदायक माना जाता है। विशेषकर कोरोना के इस दौर में इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए औषधियों का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इम्युनिटी को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े और औषधियों के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ लाभदायक मानते हैं।
आयुर्वेद की सलाह: कमजोर इम्युनिटी वालों को जरूर करना चाहिए इन चीजों का सेवन, कई बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा
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अश्वगंधा
भारत ही नहीं मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई हिस्सों में पाई जाने वाली औषधि अश्वगंधा को वर्षों से तमाम तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। शरीर के दर्द और सूजन को कम करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए इसका सेवन करना लाभदायक हो सकता है। यह जड़ी-बूटी एक प्रकार की एडाप्टोजेन भी मानी जाती है जो तनाव को प्रबंधित करने और अनिद्रा को दूर करने में भी मदद करती है।
तुलसी का करिए रोजाना सेवन
तुलसी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ सांस की बीमारियों को दूर रखने के लिए भी लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक इस जड़ी-बूटी का सेवन करके कई तरह के संक्रमण से बचने, चिंता, तनाव और थकान जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है। तुलसी, छाती में जमाव से राहत प्रदान करने में भी मदद करती है। इस जड़ी-बूटी में कई एंटीऑक्सिडेंट और शरीर को डिटॉक्स करने की भी क्षमता होती है।
आंवले के सेहत के लिए हैं विशेष फायदे
आंवले के सेवन से शरीर के लिए कई फायदे होते हैं। यह जड़ी-बूटी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करती है। लिवर, हृदय, मस्तिष्क और फेफड़ों सहित महत्वपूर्ण अंगों के स्वस्थ कामकाज के साथ शरीर की इम्युनिटी पावर को बढ़ावा देने में भी आंवला के सेवन को विशेष लाभकारी माना जाता है। आंवला में विटामिन सी, अमीनो एसिड, पेक्टिन जैसे पोषक तत्व भी होते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।