दुनियाभर में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी हर दिन बढ़ रही है। चीन के बाद इटली, अमेरिका, स्पेन समेत कई देश इसकी चपेट में हैं और भारत में भी हर दिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि देशभर में घोषित लॉकडाउन और चिकित्सकीय प्रयासों से काफी हद तक इसपर लगाम लगाने की कोशिश हो रही है। इस बीच दुनियाभर में इस महामारी के नए लक्षण सामने आ रहे हैं, जबकि इससे होने वाली मौतों में भी कई तथ्य निकल कर सामने आ रहे हैं। अमेरिका में हाल ही में हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि मोटापे के शिकार लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
मोटापा का शिकार लोगों में कोरोना का ज्यादा खतरा, बीएमआई के आधार पर हुई स्टडी में दावा
रिसर्च स्टडी में किया गया दावा
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित एक अस्पताल में भर्ती हुए 3615 लोगों पर यह स्टडी की गई, जिसमें कई नई जानकारियां सामने आई हैं। ऑक्सफोर्ड जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च स्टडी में दावा किया गया है कि मोटापे का शिकार हुए लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इस स्टडी में मरीजों के बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स को आधार बनाया गया।
30 से 34 बीएमआई वालों में दोगुना खतरा
स्टडी के मुताबिक 30 से कम बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले मरीजों की तुलना में 30 से 34 बीएआई वाले लोगों में संक्रमण होने का खतरा दोगुना है। ऐसे मरीजों के इलाज के दौरान 1.8 गुना ज्यादा सतर्कता की जरुरत महसूस की गई। इस स्टडी में शामिल किए गए मरीजों में से 21 फीसदी मरीज 30 से 34 बीएमआई वाले थे, जबकि 16 फीसदी मरीज 35 बीएमआई से ज्यादा वाले थे। BMI से ज्यादा के थे। शोध के मुताबिक 37 फीसदी अधिक वजन वाले मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
क्या होता है बीएमआई
बॉडी मास इंडेक्स यह बताता है कि आपकी लंबाई के अनुसार आपके शरीर का वजन ठीक है या नहीं! इसे एक तरह से आपके शरीर की लंबाई और वजन का अनुपात कहा जा सकता है। बताया जाता है एक सामान्य शरीर की बीएमआई 22.1 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
ऐसे पता करें अपनी बीएमआई
किसी व्यक्ति का वजन किलोग्राम में पता कर लें और उनकी हाइट मीटर में पता कर लें। बीएमआई जानने के लिए उस व्यक्ति की लंबाई को दोगुना कर उसके वजन में भाग दें, परिणाम जो आएगा, वही बीएमआई होगा।
- बीएमआई = वजन(किलोग्राम) / (लंबाई X लंबाई(मीटर में))
उम्रदराज और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा
इस रिसर्च स्टडी में यह भी बताया गया है कि 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को कोरोना वायरस सबसे ज्यादा शिकार बना रहा है। भारत में भी बड़ी संख्या में ज्यादा उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। वहीं, इंपीरियल कॉलेज, लंदन के श्वसन रोग विशेषज्ञ प्रो. फैन चुंग के मुताबिक हृदय, फेफड़ों, किडनी संबंधी बीमारी, डायबिटीज और अस्थमा के मरीजों को भी संक्रमण का ज्यादा खतरा है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की इससे ज्यादा मौतें हो रही है। इसके पीछे लापरवाही बड़ा कारण है। इसलिए ज्यादा सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।