जब भी मौसम बदलता है तो सर्दी-जुकाम का होना आम बात है। लेकिन बहुत से लोगों के लिए यह मुसीबत जैसा होता है क्योंकि हर बार उनकी नाक पूरी तरह से सही नहीं होती है और जुकाम बना रह जाता है। बहुत सारे जतन के बाद ही यह जुकाम पूरी तरह से खत्म होता है। लेकिन अब एक नये शोध में इस बात का पता चला है कि खास तरह के प्रोटीन से इस तरह की सर्दी को बेअसर किया जा सकता है।
अब सर्दी-जुकाम के असर को कम करने में मदद करेगा यह खास तरह का प्रोटीन
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मौसम के जरा सा भी ठंडा होने पर तुरंत ही वायरस सक्रिय हो जाते हैं और लोगों को जकड़ लेते हैं। इस जुकाम की अभी तक कोई कामयाब दवा भी विकसित नहीं हो पाई है क्योंकि जब भी वैज्ञानिक नयी वैक्सीन लेकर आते हैं तो वह वायरस के सारे लक्षणों पर असर नहीं कर पाती है।
लेकिन स्टैनफोर्ड और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने संक्रमित कोशिकाओं को ढूंढ निकाला है। नेचर माइक्रोबायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि ज्यादातर वायरस मनुष्य की कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन का फायदा उठाते हैं। ये वायरस एंटरोवायरस के प्रकार हैं।
वैज्ञानिकों ने पाया कि इन वायरस को रोकने के लिए प्रोटीन का सहारा लिया जा सकता है और वह कौन से प्रोटीन हैं। वैज्ञानिकों ने पहले ग्रोइंग ह्यूमन सेल कल्चर पर ध्यान दिया। हर जीन का अच्छे से परीक्षण करके यह पता लगाया गया कि किस जीन में प्रोटीन है जो वायरस पर असर कर सकता है।
इतने परीक्षण के बाद दो अलग तरीके के वायरस सामने आए। जिनमें से पहला RV-C15, है जो अस्थमा को बढ़ाता है और दूसरा है EV-D68 जिससे पोलियो की बीमारी होती है। शोध के दौरान पाया गया कि ये वायरस SETD3 नामक एंजाइम की मौजूदगी में फलता-फूलता है। ये खोज सर्दी-जुकाम के उपचार में मददगार हो सकती है क्योंकि यह कंट्रोल सेल की तुलना में बेहतर है।