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नई गाइडलाइंस: कोरोना में अब इन दवाओं का नहीं होगा इस्तेमाल, जानिए रेमेडिसविर को लेकर क्या कहा गया?
Tue, 08 Jun 2021 02:01 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Tue, 08 Jun 2021 02:01 PM IST
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कोरोना की दवाइयों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी
- फोटो : Social media
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई सारी दवाइयों को लेकर लोगों में बहुत मारामारी देखी गई थी। कई दवाइयों के कालाबाजारी के मामले भी सामने आए थे।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने कोविड-19 के इलाज के लिए अब नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें अब तक प्रयोग में लाई जा रही कई सारी दवाइयों को कोविड-19 ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से बाहर कर दिया गया है। नई गाइडलाइंस में सरकार ने कोविड के एसिम्टोमैटिक और हल्के स्तर के मरीजों के लिए दो दवाइयों को छोड़कर अन्य सभी को प्रोटोकॉल से हटा दिया है। इतना ही नहीं दूसरी लहर में काफी चर्चा में रही एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिवीर के इस्तेमाल को लेकर भी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आइवरमेक्टिन को प्रोटोकॉल से हटाया गया
- फोटो : Social media
कई दवाओं का अब नहीं होगा इस्तेमाल
नए दिशानिर्देशों में सरकार ने एसिम्टोमैटिक और हल्के स्तर के कोरोना मामलों के लिए एंटीपायरेटिक और एंटीट्यूसिव को छोड़कर सभी दवाओं को इलाज की सूची से हटा दिया है। देश में कोरोना के कम होते मामलों के बीच संशोधित दिशानिर्देशों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, जिंक और मल्टीविटामिन जैसी दवाओं को भी हटा दिया है। यह सभी दवाइयां अब तक एसिम्टोमैटिक और हल्के स्तर के कोरोना मरीजों को दी जाती रही हैं।
कोरोना के एसिम्टोमैटिक रोगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
एसिम्टोमैटिक रोगियों का इलाज
नए दिशानिर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोरोना के एसिम्टोमैटिक रोगियों को किसी दवा की आवश्यकता नहीं है। हल्के लक्षण वाले रोगियों के मामले में, बुखार, सांस फूलने और ऑक्सीजन सेचुरेशन के लिए स्व-निगरानी की सलाह दी गई है। इसके अलावा टोसीलीजुमैब को केवल कोविड -19 के गंभीर रोगियों के लिए ऑफ-लेबल दवा के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है। टोसीलीजुमैब एक इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवा है जिसे कोरोना के रोगियों के उपचार में प्रयोग में लाया जाता रहा है। एसिम्टोमैटिक रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है।
नए दिशानिर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोरोना के एसिम्टोमैटिक रोगियों को किसी दवा की आवश्यकता नहीं है। हल्के लक्षण वाले रोगियों के मामले में, बुखार, सांस फूलने और ऑक्सीजन सेचुरेशन के लिए स्व-निगरानी की सलाह दी गई है। इसके अलावा टोसीलीजुमैब को केवल कोविड -19 के गंभीर रोगियों के लिए ऑफ-लेबल दवा के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है। टोसीलीजुमैब एक इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवा है जिसे कोरोना के रोगियों के उपचार में प्रयोग में लाया जाता रहा है। एसिम्टोमैटिक रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है।
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रेमेडिसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल
- फोटो : PTI
रेमेडिसविर का इस्तेमाल
कोरोना की दूसरी लहर में रेमेडिसविर दवा को लेकर लोगों में खासा मारामारी देखने को मिली थी। नए दिशानिर्देशों में इसके इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि डॉक्टरों को रेमेडिसविर का उपयोग करने में "अत्यधिक सावधानी" बरतनी चाहिए क्योंकि यह दवा संभावित रूप से हानिकारक हो सकती है। इसका उपयोग केवल अस्पताल में भर्ती मध्यम/ गंभीर कोविड -19 रोगियों के लिए किया जाना चाहिए, जिनमें ऑक्सीजन के स्तर में सुधार न हो रहा हो। इसका उपयोग सिर्फ कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों की सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए। इस दवा को सिर्फ अस्पतालों द्वारा खरीदा और प्रदान किया जाना चाहिए। रोगी के रिश्तेदारों को इसे बाजार से खरीदने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।
कोरोना की दूसरी लहर में रेमेडिसविर दवा को लेकर लोगों में खासा मारामारी देखने को मिली थी। नए दिशानिर्देशों में इसके इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि डॉक्टरों को रेमेडिसविर का उपयोग करने में "अत्यधिक सावधानी" बरतनी चाहिए क्योंकि यह दवा संभावित रूप से हानिकारक हो सकती है। इसका उपयोग केवल अस्पताल में भर्ती मध्यम/ गंभीर कोविड -19 रोगियों के लिए किया जाना चाहिए, जिनमें ऑक्सीजन के स्तर में सुधार न हो रहा हो। इसका उपयोग सिर्फ कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों की सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए। इस दवा को सिर्फ अस्पतालों द्वारा खरीदा और प्रदान किया जाना चाहिए। रोगी के रिश्तेदारों को इसे बाजार से खरीदने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।
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स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल से पहले ध्यान दें
- फोटो : पिक्साबे
स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल से संबंधित सलाह
कोरोना के रोगियों में स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल को लेकर जारी गाइडलाइंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "स्टेरॉयड केवल अस्पताल में भर्ती गंभीर और अति गंभीर रोगियों को ही दिया जाना चाहिए। स्टेरॉयड का उपयोग सही समय पर, सही खुराक में और सही अवधि के लिए किया जाना बेहद जरूरी है। रोगियों को खुद से स्टेरॉयड दवाओं के सेवन से बचना चाहिए, इसके कई सारे नुकसान हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ:
Advisory for Rational use of Remdesivir for COVID-19 Treatment
अस्वीकरण नोट: यह लेख भारत सरकार द्वारा कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाइयों से संबंधित नए दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताई गई दवाओं के इस्तेाल से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
कोरोना के रोगियों में स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल को लेकर जारी गाइडलाइंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "स्टेरॉयड केवल अस्पताल में भर्ती गंभीर और अति गंभीर रोगियों को ही दिया जाना चाहिए। स्टेरॉयड का उपयोग सही समय पर, सही खुराक में और सही अवधि के लिए किया जाना बेहद जरूरी है। रोगियों को खुद से स्टेरॉयड दवाओं के सेवन से बचना चाहिए, इसके कई सारे नुकसान हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ:
Advisory for Rational use of Remdesivir for COVID-19 Treatment
अस्वीकरण नोट: यह लेख भारत सरकार द्वारा कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाइयों से संबंधित नए दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताई गई दवाओं के इस्तेाल से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।