दिसंबर 2019 में नोवेल कोरोनावायरस के मिले पहले मामले को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। इतने समय में कोरोना की दो लहरों ने दुनियाभर में काफी तबाही मचाई है। पूरे विश्व में अबतक 17 करोड़ 67 लाख से ज्यादा लोगों को यह वायरस संक्रमित कर चुका है। 38 लाख से ज्यादा लोगों की मौत भी इस संक्रमण के कारण हो चुकी है। सार्स-सीओवी-2 वायरस के कारण होने वाली कोविड-19 बीमारी से अभी लोगों को राहत भी नहीं मिली थी कि वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों में एक अन्य तरह के कोरोना वायरस मिलने का दावा किया है। चीन में एक अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों की राइनोलोफिड प्रजाति में चार नए नोवेल सार्स-सीओवी-2 से संबंधित वायरस की पहचान की है।
सावधान: चमगादड़ों में मिला एक नए प्रकार का कोरोना वायरस, अध्ययन में चीनी वैज्ञानिकों का दावा
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कई सैंपलों का किया गया अध्ययन
शंडोंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वाइफेंग शी और उनके सहयोगियों ने मई 2019 से नवंबर 2020 के बीच जंगल में पाए जाने वाले चमगादड़ों से नमूने एकत्र किए। चमगादड़ों की 23 प्रजातियों से 411 सैंपल एकत्र किए गए। चमगादड़ों के मल-मूत्र और स्वाब के सैंपलों के अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने नए प्रकार के कोरोना वायरस की पहचान की है। इस अध्ययन से संबंधित रिपोर्ट को जर्नल सेल में प्रकाशित किया गया है।
सार्स-सीओवी-2 की तरह ही हैं नए वायरस
रिपोर्ट में कहा गया है कि अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को चार ऐसे वायरस मिले जो सार्स-सीओवी-2 से मिलते जुलते हैं। इन चारों वायरसों का आनुवंशिक गठन भी सार्स-सीओवी-2 की तरह ही पाया गया है। आपको बता दें कि सार्स-सीओवी-2 वायरस दुनियाभर में फैले कोविड-19 का कारक है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविड-19 के कारक और नए वायरस सैंपल (RpYN06) में एकमात्र अंतर यह देखा गया कि नया वायरस स्पाइक प्रोटीन के बजाय, कोशिकाओं में संलग्न होने के लिए नॉब जैसी संरचना का उपयोग करता है।
चमगादड़ों से फैलते हैं कई तरह के संक्रमण
अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि अब तक किए गए तमाम अध्ययनों के आधार पर कहा जा सकता है कि सार्स-सीओवी-2 से संबंधित वायरस चमगादड़ों से ही फैलते हैं। संक्रमण का असर उन क्षेत्रों में ज्यादा हो सकता है जहां चमगादड़ों की आबादी अधिक होती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि मनुष्यों में गंभीर बीमारियों का कारण बनने वाले तमाम वायरस चमगादड़ों में पाए जाते हैं। हेंड्रा वायरस, मारबर्ग वायरस, इबोला वायरस और मौजूदा समय में कोरोना वायरस इसका उदाहरण है।
शोधकर्ताओं ने अलर्ट रहने को कहा
वैज्ञानिकों ने बताया कि चमगादड़ों की राइनोलोफिड प्रजाति एशिया के कुछ हिस्सों पाई जाती है, ऐसे में स्वास्थ्य संगठनों को इसके प्रति गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। अध्ययन में कोविड-19 और नए वायरस के जीन सैंपल में काफी समानता देखने को मिली है। यह नया वायरस कितना प्रभावी है और इससे लोगों को कितना खतरा हो सकता है, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं।
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स्रोत और संदर्भ:
Identification of novel bat coronaviruses sheds light on the evolutionary origins of SARS-CoV-2 and related viruses
अस्वीकरण नोट: यह लेख जर्नल सेल में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। नए कोरोना वायरस को और अच्छे से समझने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।