भारत में 1 जुलाई को हर साल राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। हमारे जीवन में डॉक्टर की अहम भूमिका है। यह दिवस डॉक्टर्स की जिम्मेदारी और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। इस बार नेशनल डॉक्टर डे की थीम 'डॉक्टरों के प्रति हिंसा को लेकर जीरो सहनशीलता' रखी गई है। बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटना के बाद से पूरे देशभर के डॉक्टरों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। यहां तक की डॉक्टरों ने इसके विरोध में हड़ताल भी की।
हर साल डॉक्टर डे को डॉक्टर विधानचंद्रा के जन्म और पुण्यतिथि के तौर पर मनाया जाता है। विधान चंद्रा रे, पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध डॉक्टर होने के साथ ही सूबे के दूसरे मुख्यमंत्री भी रहे। यह दिवस उन्हीं की याद में मनाया जाता है। राष्ट्रीय डॉक्टर डे, स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले उन तमाम डॉक्टरों को समर्पित है जो हर परिस्थिति में डॉक्टरी मूल्यों को बचाए रखते हुए अपना फर्ज अदा करते हैं और मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहिया कराते हैं। अगली स्लाइड में पढ़िए सबसे पहले कब मनाया गया डॉक्टर डे।
भारत सरकार ने सबसे पहले 1991 में नेशनल डॉक्टर डे मनाया। तब से 28 साल हो गए और हर साल इस दिवस को मनाया जाता है। डॉक्टर विधान चंद्रा रे को 4 फरवरी 1961 को भारत रत्न से नवाजा गया। इस साल डॉक्टर दिवस को डॉक्टरों के प्रति जागरूकता के तौर पर मनाया जा रहा है ताकि उन्हें हिंसा से बचाया जा सके। यही वजह है कि इस बार की थीम डॉक्टरों के प्रति हिंसा को लेकर शून्य सहनशीलता रखी गई है। 1 जुलाई से 8 जुलाई के बीच 'सुरक्षित भाईचारे का सप्ताह' मनाया जाएगा ताकि समाज में डॉक्टरों की भूमिका और उनके योगदान को लेकर उनके खिलाफ होने वाली हिंसा को रोका जा सके। अगली स्लाइड में पढ़िए किस देश में किस दिन मनाया जाता है डॉक्टर डे..
दुनियाभर में भिन्न-भिन्न तारीख को डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। अमेरिका में 30 मार्च को डॉक्टर दिवस सेलिब्रेट किया जाता है। क्यूबा में डॉक्टर दिवस 3 दिसंबर और ईरान में 23 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में मुफ्त में चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं और संगोष्ठियां होती हैं।