लगभग पूरी दुनिया पर कोरोना का कहर टूटा। ऐसे में कई बड़े-बड़े देशों का हेल्थ सिस्टम भी पूरी तरह चरमरा गया। वहीं, भारत में भी कोरोना ने काफी लोगों को अपना शिकार बनाया। जहां एक तरफ लोग संक्रमित हुए, तो वहीं काफी लोगों की जान भी इस वायरस ने ली। ऐसे में लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए कई नियमों के पालन के लिए कहा गया। जैसे- मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल आदि। वहीं, जो लोग कोरोना से संक्रमित हो गए, उनमें से कई लोगों का इलाज डॉक्टर की देखरेख में घर पर तो चला, तो कई लोगों को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा। ऐसे में लोगों की जिंदंगी बचाने में डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ ने अहम रोल निभाया। अपनी जान की फिक्र न करते हुए, लोगों की जान बचाई। ऐसे में डॉक्टर्स को लोगों ने भगवान से भी ज्यादा माना। तो चलिए इस नेशनल डॉक्टर्स डे जानते हैं कि आखिर डॉक्टर्स ने कैसी-कैसी तकलीफें झेलकर लोगों का इलाज किया।
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National Doctors Day 2021: कोरोना काल में डॉक्टर्स बने धरती के भगवान, लोगों को दी नई जिंदगी
Thu, 01 Jul 2021 10:49 AM IST
प्रकाश चंद जोशी
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Thu, 01 Jul 2021 10:49 AM IST
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डॉक्टर्स डे 2021
- फोटो : istock
डॉक्टर्स डे 2021
- फोटो : पिक्साबे
घर-परिवार से दूर
- इस कोरोना काल में मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर्स, नर्स और मेडिकल स्टाफ को कई दिनों तक अपने घर-परिवार से तक दूर रहना पड़ा। देश पर कोरोना का कहर टूटने से हेल्थ सिस्टम पूरी तरह हिल गया था। ऐसे में डॉक्टर्स से ही हर किसी को उम्मीद थी।
डॉक्टर्स डे 2021 मुंबई के एक अस्पताल में कोरोना के मरीजों की देखभाल में जुटीं दो महिला स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
कई डॉक्टर्स ने गवाई जान
- कोरोना वायरस महामारी काफी खतरनाक बीमारी है। ऐसे में इस वायरस से लोगों को बचाना कोई आसान काम नहीं है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने के लिए डॉक्टर्स ने अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाया, जिसमें कई डॉक्टर्स को अपनी जान तक गवानी पड़ी। ऐसा इसलिए क्योंकि संक्रमितों का इलाज करते-करते खुद कई डॉक्टर्स कोरोना की चपेट में आ गए।
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डॉक्टर्स डे 2021
- फोटो : istock
नहीं मिल पाए अपने बच्चों से
- कहते हैं एक बच्चे की दुनिया उसके माता-पिता के इर्द-गिर्द ही होती है, लेकिन सोचिए जब महीनों तक कोई अपने बच्चों से न मिल पाए तो कैसा होगा? ठीक ऐसा ही इस कोरोना काल में डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के साथ हुआ। लोगों का इलाज समय रहते हो पाए और स्वस्थ हो जाएं। इसके लिए वे अपने घर नहीं जा पाए।
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डॉक्टर्स डे 2021 PPE kit
- फोटो : istock
पीपीई किट में रहते घंटों-घंटों
- कोरोना से पीड़ित मरीज के संपर्क में आने से कोई भी संक्रमित हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर्स और नर्स को कई-कई घंटों तक पीपीई किट पहने हुए रहना पड़ता है। जहां हमें थोड़ी देर में दिक्कत होने लगती है, तो वहीं ये लोग पीपीई किट में रहकर मरीजों का इलाज करते हैं। पीपीई किट में रहना हर किसी के बस की बात नहीं है, क्योंकि इस लंबे समय तक पहने रखना, पहनना और फिर उतारना बेहद मुश्किल है।