कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती समस्या है। हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है। इनमें से कई कैंसर ऐसे हैं जिन्हें रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसके लिए कम उम्र से ही निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर रहा है उन्हें और भी अलर्ट रहना चाहिए।
National Cancer Awareness Day 2024: किसी को भी हो सकता है कैंसर, इन तीन कारणों को डॉक्टर्स ने माना जिम्मेदार
भारत में कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाता है।आइए उन कारणों के बारे में जानते हैं जिन्हें कैंसर के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है?
कैंसर का खतरा
कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते हैं, हम अगर अपनी लाइफस्टाइल को ही ठीक कर लें तो भी कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है, हालांकि कम उम्र वाले यहां तक कि बच्चे भी इसका शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा जीवनशैली के कारक जैसे धूम्रपान, अधिक वजन, आहार में गड़बड़ी, शारीरिक निष्क्रियता के कारण भी जोखिम बढ़ सकता है।
तम्बाकू और शराब का सेवन
धूम्रपान को कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है और ये फेफड़ों के कैंसर से होने वाली 80-90% मौतों के लिए जिम्मेदार है। तम्बाकू के धुएं में कार्सिनोजेन्स होते हैं जो कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उत्परिवर्तन और अनियंत्रित कोशिका वृद्धि हो सकती है। इसी तरह से शराब के अधिक या नियमित सेवन से कुछ प्रकार के कैंसर के विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है जिसमें लिवर, एसोफैगल और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल हैं।
आहार में गड़बड़ी
कुछ प्रकार के आहार को भी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है। विशेषतौर पर रेड और प्रोसेस्ड मीट खाने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इन मांस में नाइट्रेट और नाइट्राइट जैसे कार्सिनोजेनिक यौगिक होते हैं, जो आंत की परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कुछ अध्ययनों ने उच्च वसा वाले आहार को भी हानिकारक बताया गया है। इसी तरह से अधिक चीनी वाले आहार से शरीर में सूजन बढ़ सकती है जो कैंसर सहित कई बीमारियों को बढ़ावा दे सकती है।
शारीरिक निष्क्रियता से बचें
व्यायाम करना शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है। व्यायाम न करने या शारीरिक रूप से निष्क्रियता के शिकार लोगों में भी कैंसर का जोखिम बढ़ते हुए देखा जा रहा है। शारीरिक निष्क्रियता वजन बढ़ाने वाली हो सकती है। अध्ययनों में अधिक वजन या मोटापा को कैंसर के जोखिम के लिए जिम्मेदार माना गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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