कैंसर, वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारकों में से एक है। अकेले भारत में हर साल कई प्रकार के कैंसर के कारण आठ-नौ लाख लोगों की मौत हो जाती है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कैंसर का जोखिम और भी बढ़ता जा रहा है, लिहाजा बच्चों और वयस्कों में भी इस गंभीर और जानलेवा रोग का निदान किया जा रहा है।
National Cancer Awareness Day: ये हैं सबसे घातक कैंसर जिनसे हर साल हो जाती हैं लाखों मौतें, ऐसे करें पहचान
फेफड़ों का कैंसर हो सकता है घातक
भारतीय पुरुषों में, फेफड़े का कैंसर मृत्यु का सबसे आम कारण रहा है, एक अनुमान के मुताबिक हर साल करीब 50 हजार लोगों की मौत इस कैंसर के कारण हो जाती है। देश में हर 13 में से एक पुरुष में लंग्स कैंसर का खतरा हो सकता है। 80 फीसदी से अधिक लंग्स कैंसर के रोगी धूम्रपान करते रहे हैं, यानी धूम्रपान इस कैंसर के प्रमुख कारकों में से एक है। धूम्रपान के अलावा वायु प्रदूषण और कुछ रसायनों के संपर्क में आना भी इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है।
गंभीर खांसी की समस्या जो समय के साथ बदतर हो जाती है, इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ (डिस्पेनिया), सीने में दर्द या बेचैनी के साथ घरघराहट और खांसी के साथ खून आना इस कैंसर का प्रमुख लक्षण हो सकता है।
कोलोरेक्टल कैंसर या कोलन कैंसर
भारत में, जनसंख्या में क्रमशः प्रति 100,000 महिलाओं में 5.1 प्रतिशत और पुरुषों में 7.2 लोगों को कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा हो सकता है। कोलोरेक्टल कैंसर के मामले घातक इसलिए हो जाते हैं क्योंकि इसका निदान अक्सर बाद के चरण में होता है। अगर आपको लंब समय से शौच की आदतों में बदलाव, बार-बार दस्त या कब्ज की समस्या, मलाशय से रक्तस्राव या मल में खून आने की दिक्कत होती है तो ऐसे लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
महिलाओं में सबसे कॉमन है स्तन कैंसर
भारत में हर चार मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर का पता चलता है। डॉक्टर कहते हैं, अगर प्रारंभिक चरण में स्तन कैंसर का पता चल जाए तो सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी से इसका इलाज संभव है। हालांकि ज्यादातर महिलाओं में इसका निदान देर के चरणों में हो पाता है।
स्तन या अंडरआर्म (बगल) में नई गांठ, स्तन के किसी भाग का मोटा होना या सूजन, निपल क्षेत्र या स्तन में लालिमा या परतदार त्वचा की समस्या होना कैंसर का संकेत हो सकता है। इन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर
पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होना बहुत सामान्य है, इसके कारण हर साल हजारों की मौत हो जाती है। बार-बार पेशाब आना, मूत्राशय को खाली करने के लिए जोर लगाने की जरूरत होना, पेशाब से खून आने या पेशाब के दौरान दर्द और जलन होने के लक्षण इस कैंसर का संकेत हो सकते हैं। अगर आपको इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो गंभीरता से इसपर ध्यान दिए जाने और उपचार की आवश्यकता होती है।
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