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अध्ययन: ओमिक्रॉन वैरिएंट पर इस तरह की वैक्सीन हो सकती है ज्यादा असरदार, रोक सकती है वायरस का प्रवेश

Wed, 22 Dec 2021 03:28 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Wed, 22 Dec 2021 03:28 PM IST
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nasal vaccines could be effective against Omicron variant, know what study says
ओमिक्रॉन से बचाव के तरीके - फोटो : Pixabay

दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ब्रिटेन जैसे देशों में कोरोना के कारण हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। भारत में भी अब तक इस वैरिएंट से संक्रमित 200 से अधिक लोगों की पहचान की जा चुकी है। अध्ययनों में बताया जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट में देखे गए म्यूटेशन इसे वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने की क्षमता देते हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल लगातार बना हुआ है कि क्या वैक्सीन की दो डोज ओमिक्रॉन से सुरक्षा देने में काफी हैं? क्या ओमिक्रॉन से बचाव के लिए नेजल वैक्सीन को असरदार माना जा सकता है?



कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि नेजल वैक्सीन कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से सुरक्षा दे सकती हैं। रिपोर्टस के मुताबिक कोवाक्सिन निर्माता हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी वर्तमान में एक इंट्रानेजल वैक्सीन शॉट बनाने की दिशा में काम कर रही है, जो कोरोना के इस खतरनाक वायरस के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को मजबूत करने में कारगर साबित हो सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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नेजल वैक्सीन हो सकती है असरदार - फोटो : iStock

कारगर साबित हो सकती है नेजल वैक्सीन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सार्स-सीओवी-2 जैसे कई वायरस सामान्यतौर पर म्यूकोसा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। यह नाक में मौजूद एक ऊतक है। वायरस म्यूकोसल झिल्ली में मौजूद कोशिकाओं और अणुओं को संक्रमित करते हैं। ऐसे में नेजल शॉट के माध्यम से वायरस को शरीर में प्रवेश करने से पहले ही खत्म किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इंट्रानेजल वैक्सीन शॉट इम्युनोग्लोबुलिन ए (IgA) का उत्पादन करते हैं, जो वायरस के प्रवेश की साइट यानी नाक में ही मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करके वायरस को बढ़ने से रोक सकते हैं।

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ओमिक्रॉन से कैसे रहें सुरक्षित - फोटो : istock

वायरस को बढ़ने से रोक सकती है नेजल वैक्सीन
वैज्ञानिकों का मानना है कि इम्युनोग्लोबुलिन ए (IgA), संक्रमण के प्रारंभिक चरण में ही वायरस के प्रबंधन और उसे नष्ट करने में अधिक प्रभावी हो सकता है। यह न केवल संक्रमण से लड़ने में सहायता करता है साथ ही संचरण को भी रोकता है। नाक के माध्यम से दिए जाने वाले टीके एक मजबूत और प्रभावी म्यूकोसल प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं। यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने से बचाने में भी सहायक माना जाता है।

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कोरोना से बचाव के लिए नेजल वैक्सीन - फोटो : Pixabay
कैसे दी जाती है नेजल वैक्सीन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इंजेक्शन या इंट्रामस्क्युलर टीकों को इंजेक्शन (सुइयों) की मदद से त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है। जबकि पारंपरिक टीकों के विपरीत नेजल वैक्सीन म्यूकोसल झिल्ली में मौजूद वायरस को लक्षित करते हैं और यह नाक के माध्यम से दिए जाते हैं।
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कम होगा कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : iStock

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अध्ययनों से पता चलता है कि नाक के टीके श्वसन वायरस के खिलाफ प्रभावी साबित हुए हैं। माना जा रहा है कि यह ओमिक्रॉन जैसे वेरिएंट्स को भी अप्रभावी करने की क्षमता रखते हैं। 
चूहों पर नेजल वैक्सीन के असर को जानने के लिए एक अध्ययन किया गया। साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि नेजल वैक्सीन चूहों में श्वसन वायरस के खिलाफ काफी असरदार साबित हुए। 
येल विश्वविद्यालय में इम्यूनोबायोलॉजी के प्रोफेसर अकीको इवासाकी का मानना है कि नाक के द्वारा दिए जाने वाले वैक्सीन ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं। यह वायरस के शरीर में प्रवेश को ही रोक सकते हैं। संभव है कि कोरोना के नए वैरिएंट्स पर भी यह असरदार साबित हों, हालांकि इसके लिए अभी अध्ययन के प्रमाण की आवश्यकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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