कोरोना वायरस, कई तरह से लोगों को प्रभावित कर रहा है। जिन लोगों को पहले से ही कोई गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, डायबिटीज या सांस लेने की दिक्कत हो, उनके लिए यह समय और भी खतरनाक माना जा रहा है। विशेषज्ञ, हृदय रोगियों को इस वक्त काफी सतर्क रहने की सलाह देते हैं। हालिया रिपोर्टस में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कोविड से रिकवर होने के बाद लोगों में मायोकार्डिटिस नामक घातक बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
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सावधान: कोविड रिकवरी के बाद बढ़ गया है मायोकार्डिटिस का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके
Sun, 23 May 2021 01:27 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sun, 23 May 2021 01:27 PM IST
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पोस्ट कोविड हृदय रोग
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मायोकार्डिटिस की समस्या के शिकार हो रहे हैं लोग
- फोटो : iStock
मायोकार्डिटिस का समस्या क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना के लगभग 70 फीसदी लोगों को मायोकार्डिटिस की दिक्कत हो रही है, गंभीर बात यह है कि इसके शिकार युवा भी हो रहे हैं जिनके पास अभी पूरा जीवन शेष है। मायोकार्डिटिस के कारण दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या हो जाती है, जोकि हृदय के विद्युत प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में हृदय को खून पंप करने में दिक्कत होती है जो धड़कनों की अनियमितता का कारण बन सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना के लगभग 70 फीसदी लोगों को मायोकार्डिटिस की दिक्कत हो रही है, गंभीर बात यह है कि इसके शिकार युवा भी हो रहे हैं जिनके पास अभी पूरा जीवन शेष है। मायोकार्डिटिस के कारण दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या हो जाती है, जोकि हृदय के विद्युत प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में हृदय को खून पंप करने में दिक्कत होती है जो धड़कनों की अनियमितता का कारण बन सकती है।
कोविड के बाद बढ़ गई है यह समस्या
- फोटो : Pixabay
कोविड और मायोकार्डिटिस का संबंध
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में वायरस फेफड़ों पर ज्यादा असर कर रहा है। जिसके चलते इस बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना अधिक करना पड़ रहा है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर इसका प्रभाव हृदय पर पड़ने लगता है। इस स्थिति में हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मांसपेशियों में सूजन की समस्या आ जाती है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में वायरस फेफड़ों पर ज्यादा असर कर रहा है। जिसके चलते इस बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना अधिक करना पड़ रहा है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर इसका प्रभाव हृदय पर पड़ने लगता है। इस स्थिति में हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मांसपेशियों में सूजन की समस्या आ जाती है।
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डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे से ग्रस्त लोग रहें सावधान
- फोटो : Pixabay
किन लोगों को विशेष सावधान रहने की जरूरत
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के जो रोगी पहले से ही डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे की समस्या से ग्रसित हैं उनको मायोकार्डिटिस की समस्या होने का खतरा ज्यादा होता है। कुछ लोगों में कोरोना के संक्रमण के समय ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं। संभव है कि शुरुआती चरणों में इसका पता भी न चल पाए।
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के जो रोगी पहले से ही डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे की समस्या से ग्रसित हैं उनको मायोकार्डिटिस की समस्या होने का खतरा ज्यादा होता है। कुछ लोगों में कोरोना के संक्रमण के समय ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं। संभव है कि शुरुआती चरणों में इसका पता भी न चल पाए।
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छाती में दर्द को पहचानें
- फोटो : social media
किन लक्षणों से की जा सकती है इसकी पहचान
हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि मायोकार्डिटिस की स्थिति में लोगों को निम्न प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। इनके बारे में समय पर डॉक्टर की सलाह लेना बहुत आवश्यक है।
हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि मायोकार्डिटिस की स्थिति में लोगों को निम्न प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं। इनके बारे में समय पर डॉक्टर की सलाह लेना बहुत आवश्यक है।
- छाती में दर्द
- धड़कनों का तेज या अनियमित होना ।
- कुछ काम करते समय सांस फूलना।
- पैर में सूजन।
- बहुत अधिक थकान का अनुभव होना।
- बहुत ज्यादा पसीना या चक्कर आना।