फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Monkeypox: बढ़ते संक्रमण के बीच राहत भरी खबर, वैज्ञानिकों ने खोज लिया मंकीपॉक्स को रोकने का कारगर तरीका

Thu, 12 Sep 2024 04:27 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 12 Sep 2024 04:27 PM IST
विज्ञापन
mpox news and update latest study says Bavarian Nordic smallpox vaccine effective against Monkeypox
मंकीपॉक्स की रोकथाम - फोटो : freepik.com

मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां सभी लोगों से इस संक्रामक रोग को लेकर बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रही हैं। अफ्रीकी देशों से शुरू हुआ ये संक्रमण यूएस-यूके सहित अब भारत में भी पहुंच गया है। 8 सितंबर को यहां पहले संक्रमित का पता चला है।



विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो संक्रमण को लेकर फिलहाल भारत में लोगों को ज्यादा चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि सुरक्षात्मक उपायों का ध्यान रखा जरूरी है। गौरतलब है कि संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने, यौन संबंध बनाने, शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क के कारण ये संक्रमण हो सकता है। फिलहाल इसके उपचार के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। कुछ टीकों को मान्यता दी गई है और कुछ को लेकर शोध जारी है।

इस बीच मंकीपॉक्स से बचाव को लेकर वैज्ञानिकों ने एक टीके को अध्ययनों में विशेष प्रभावी पाया है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। 

mpox news and update latest study says Bavarian Nordic smallpox vaccine effective against Monkeypox
मंकीपॉक्स से बचाव के लिए टीके - फोटो : Istock

चिकनपॉक्स वाला टीका एमपॉक्स में भी असरदार

शोधकर्ताओं ने पाया कि अब तक चेचक (चिकनपॉक्स) बीमारी की रोकथाम में प्रयोग में लाया जाने वाला टीका- बवेरियन नॉर्डिक ए/एस काफी हद तक मंकीपॉक्स संक्रमण से बचाव में भी असरदार साबित हो सकता है। कनाडा के ओंटारियो में किए गए एक अध्ययन के अनुसार इस टीके को एमपॉक्स संक्रमण के खिलाफ लगभग 58% सुरक्षात्मक पाया गया है।

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस टीके ने  संभवतः साल 2022 में मंकीपॉक्स प्रकोप को रोकने में काफी मदद की थी। ऐसे में विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि इस बार के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए भी इसे इस्तेमाल में लाकर लाभ पाया जा सकता है।

mpox news and update latest study says Bavarian Nordic smallpox vaccine effective against Monkeypox
मंकीपॉक्स से कैसे बचें? - फोटो : freepik.com

2022 में देखी गई थी इसकी प्रभावशीलता

जून से अक्तूबर 2022 के अंत तक कई स्थानों पर समलैंगिक और उभयलिंगी पुरुषों को ये टीके प्रदान किए गए थे। टीकाकरण के बाद उन स्थानों पर संक्रमण की रफ्तार में गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि बाइसेक्सुअल और समलैंगिक लोगों में मंकीपॉक्स का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, इसलिए सबसे पहले इन लोगों को टीके प्रदान किए गए थे। वैज्ञानिकों ने पाया कि साल 2022-23 में मंकीपॉक्स वायरस के क्लेड IIb स्ट्रेन द्वारा फैले वैश्विक प्रकोप के दौरान ये अधिक प्रभावित हुआ था। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बवेरियन नॉर्डिक के एमवीए-बीएन वैक्सीन (जिसे कनाडा में इमवम्यून और अमेरिका में जिनेओस के नाम से भी जाना जाता है) और पुराने टीकाकरण की प्रभावशीलता का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
mpox news and update latest study says Bavarian Nordic smallpox vaccine effective against Monkeypox
मंकीपॉक्स की टीकाकरण - फोटो : Istock

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

वैज्ञानिकों ने बताया इस टीके को चेचक से बचाव के लिए विकसित किया गया था। पिछले महीने मध्य अफ्रीका में संभावित रूप से अधिक खतरनाक माने जा रहे एमपॉक्स के स्ट्रेन क्लेड आईबी के कारण वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि अब तक इस टीके का रैडेमाइज या कंट्रोल्ड ट्रायल नहीं हो पाया है। 

बीएमजे जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कनाडाई टीकाकरण अनुसंधान नेटवर्क के वैज्ञानिकों ने कहा, "नैदानिक परीक्षणों की अनुपस्थिति में भी हमारे निष्कर्ष इस बात के प्रमाण को मजबूत करते हैं कि एमवीए-बीएन एमपॉक्स संक्रमण को रोकने में प्रभावी है और इसे जोखिम वाले समुदायों के लिए उपलब्ध और सुलभ बनाया जाना चाहिए। पिछले अध्ययनों में विभिन्न आबादी में 36% से 86% तक की इसकी प्रभावशीलता दर देखी गई है। 

विज्ञापन
mpox news and update latest study says Bavarian Nordic smallpox vaccine effective against Monkeypox
मंकीपॉक्स से बचाव - फोटो : freepik.com

एक शॉट से भी मिल सकती है सुरक्षा

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस टीके की दो खुराक को ज्यादा प्रभावी माना जाता है, हालांकि सिंगल शॉट देकर भी संक्रमण के प्रकोप को कम करने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा, "एकल खुराक की मध्यमस्तरीय प्रभावशीलता को देखते हुए, दोनों डोज के साथ उच्च कवरेज प्राप्त करना आसान हो सकता है। वैश्विक स्तर पर चल रहे संक्रमण को रोकने और प्रबंधित करने में ये महत्वपूर्ण हो सकता है। इन टीकों के नैदिनक परीक्षण शुरू किए जा रहे हैं जिससे इसकी प्रभाविकता का व्यापक आकलन किया जा सके।


-------------
स्रोत और संदर्भ
Effectiveness of modified vaccinia Ankara-Bavarian Nordic vaccine against mpox infection: emulation of a target trial



अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed