आज मदर्स डे है, एक खास दिन अपनी मां के नाम। वैसे तो हमारे जीवन का हर पल ही हमारी मां को समर्पित होता है, लेकिन ये खास दिन मां के त्याग-बलिदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने और उन्हें ये एहसास कराने का होता है कि वो इस दुनिया में सबसे खास हैं।
Mother's Day: इस मदर्स डे पर मां को दें हेल्थ चेकअप का तोहफा, ये 5 टेस्ट उन्हें देंगे गंभीर रोगों से सुरक्षा
Health Checks For Women Over 50: इस मदर्स डे पर, मां को स्वस्थ व तंदुरुस्त रखने और बीमारियों का जल्द पता लगाने के लिए कुछ जरूरी हेल्थ चेकअप्स का गिफ्ट दें। 50 वर्ष के बाद महिलाओं को साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवानी चाहिए।
अगर इस मदर्स डे पर आप मां को कोई खास उपहार देना चाहते हैं, तो उन्हें हेल्थ स्क्रीनिंग का तोहफा दें। 50 से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से पांच जरूरी टेस्ट जरूर कराते रहना चाहिए।
ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ जाता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में महिलाओं की मौत के प्रमुख कारणों में हृदय रोग शामिल है। मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से ब्लड वेसल्स की समस्या बढ़ जाती है साथ ही शुगर भी बढ़ने लग जाता है।
- ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल जैसे टेस्ट दिल की सेहत के बारे में पता लगाने में मदद करते हैं।
- 40 की उम्र के बाद महिलाओं को साल में कम से कम एक बार कोलेस्ट्रॉल जांच जरूर करवानी चाहिए।
- नियमित रूप से घर पर ही शुगर और बीपी की जांच कराते रहें।
- हर 3-4 महीने में एक बार HbA1c टेस्ट कराएं, इससे पिछले 2-3 महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल की जानकारी मिल जाती है।
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन की कमी के कारण कैल्शियम तेजी से कम होता है, जिससे आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन के अनुसार 50 वर्ष से अधिक उम्र की हर तीन में से एक महिला को ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा होता है।
- बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट हड्डियों की मजबूती मापने के लिए किया जाता है।
- कमर दर्द, झुककर चलना या बार-बार फ्रैक्चर होना कमजोर हड्डियों के संकेत हो सकते हैं।
- समय रहते हड्डियों की कमजोरी पकड़ ली जाए, तो दवाओं और पोषण के जरिए फ्रैक्चर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज काफी हद तक सफल हो सकता है।
- ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी टेस्ट कराया जाता है।
- यह टेस्ट ब्रेस्ट में छोटे बदलावों को भी पकड़ सकता है।
- अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार 40 वर्ष के बाद महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी करवानी चाहिए।
- अगर परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही हो ये टेस्ट और जल्दी-जल्दी डॉक्टर की सलाह पर कराते रहना चाहिए।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में से एक है। यह मुख्य रूप से एचीवी संक्रमण से जुड़ा होता है।
- नियमित स्क्रीनिंग से इसे शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है।
- पैप स्मीयर टेस्ट सर्विक्स में असामान्य कोशिकाओं की पहचान करता है।
- समय पर स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी कम कर सकते हैं।
- 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।