शरीर की संरचना को बेहतर बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मजबूत हड्डियां न केवल आपको सही मुद्रा में खड़े होने में मदद करती हैं, बल्कि नाजुक अंगों को किसी भी तरह की चोट से बचाने में भी सहायक होती हैं। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ चोट और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के लिए कम उम्र से ही हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के उपाय करते रहने चाहिए। आमतौर पर हड्डियों को बेहतर रखने के लिए कैल्शियम को सबसे आवश्यक माना जाता है, पर क्या सिर्फ कैल्शियम से ही हड्डियों का पूरा ख्याल रखा जा सकता है? विशेषज्ञों का जवाब है- नहीं।
आज का हेल्थ टिप्स: कैल्शियम के अलावा हड्डियों के लिए जरूरी हैं यह तीन पोषक तत्व, क्या आप करते हैं इनका सेवन?
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विटामिन के को आहार में करें शामिल
हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर से बचाव के लिए तो आपने विटामिन के सेवन के बारे में सुना होगा, पर अध्ययनों से पता चलता है कि हड्डियों को भी स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन के आवश्यक होता है। विटामिन के एक प्रोटीन को सक्रिय करने के लिए जिम्मेदार है जो रक्त के थक्के और कैल्शियम के मेटाबॉलिज्म में आवश्यक भूमिका निभाता है। विटामिन के की प्राप्ति के लिए ब्रोकली, पालक, पत्ता गोभी का सेवन कर सकते हैं।
प्रोटीन का सेवन आवश्यक
माना जाता है कि प्रोटीन कोशिकाओं की वृद्धि और मांसपेशियों को लिए महत्वपूर्ण होता है। प्रोटीन का एक अन्य महत्वपूर्ण कार्य हड्डियों के द्रव्यमान को बनाए रखना और उम्र बढ़ने के साथ हड्डी और मांसपेशियों को संरक्षित करना भी है। अध्ययनों से पता चलता है कि प्रोटीन वाले आहार का सेवन करने से हड्डियों के घनत्व को बढ़ाया जा सकता है। प्रोटीन का पर्याप्त सेवन फ्रैक्चर और हड्डियों के नुकसान के जोखिम को भी कम कर सकता है। प्रोटीन के स्रोतों में मसूर, सेम, मांस, मुर्गी और डेयरी उत्पाद शामिल हैं।
हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन डी आवश्यक है। विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण और रक्त में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है। जब आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर कम हो जाता है, तो यह पोषक तत्व आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन या हड्डियों से खींचकर इसे अवशोषित करना शुरू कर देता है। विटामिन डी के लिए कई तरह की मछलियों, भिंडी, पालक, सोयाबीन का सेवन किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।