किसी दिन अचानक सुबह उठने पर आपको अपना अंगूठा अकड़ा हुआ महसूस हो, उंगलियों में भी जकड़न सी हो या यूं ही काम करते करते अंगूठा तेज दर्द के साथ मुड़ जाए और फिर उसे सीधा करना आसान न हो, तो इसे हल्के में न लें। यह स्थिति ट्रिगर फिंगर्स की समस्या का संकेत हो सकती है। ट्रिगर थम्ब या ट्रिगर फिंगर्स वह स्थिति है जब अंगूठे या उंगलियों के टेंडन में किसी कारण से सूजन आ जाती है। टेंडन बारीक धागे जैसे होते हैं जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़े रखते हैं। ये लचीले होते हैं और मजबूत फाइबर कोलेजन ऊतकों से बने होते हैं।
सावधान: दिनभर कंप्यूटर पर काम करना कहीं बन न जाए ट्रिगर फिंगर्स का कारण, जानिए कैसे करें बचाव?
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ऐसे लोगों को होता है ज्यादा खतरा
यह समस्या वैसे तो किसी को भी हो सकती है लेकिन डायबटीज, आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों या ऐसे लोग जिनके हाथों पर निरन्तर किसी वजह से दबाव पड़ता हो, वे इसके शिकार ज्यादा होते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा होती है। इस समस्या को शुरुआत में ही सामान्य इलाज से नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि लक्षण दिखाई देते ही तुरन्त डॉक्टर से सलाह ली जाए।
अकेले भारत मे हर साल इस समस्या से लाखों लोग पीड़ित होते हैं। अन्य चीजों के अलावा मोबाइल, लैपटॉप, वीडियो गेम जैसी चीजों का लगातार उपयोग भी इसका कारण बन सकता है। गम्भीर स्थितियों में अंगूठा या उंगली मुड़ी हुई स्थिति में ही लॉक हो सकते हैं।
सुबह रहता है ज्यादा असर
ट्रिगर फिंगर किसी भी उंगली या अंगूठे पर असर कर सकती है। कई बार एक से ज्यादा उंगलियां भी प्रभावित हो सकती हैं और दोनों हाथों पर भी असर हो सकता है। दर्द और अकड़न सुबह -सुबह ज्यादा होती है। कई बार उंगली या अंगूठा मुड़ने के बाद सीधा होने में समय भी लेता है। धीरे धीरे जैसे जैसे आप फिजिकली एक्टिव होते हैं, दर्द और अकड़न कम होने लगता है। अंगूठे या उंगली के नीचे के हिस्से में उभार भी महसूस हो सकता है।
- सबसे पहले जिस काम की वजह से आपके अंगूठे या उंगली पर प्रेशर पड़ रहा है उसे कुछ समय के लिए बन्द कर दीजिए। उस उंगली या अंगूठे को कुछ समय आराम दीजिए। अगर आपको काम लेना ही पड़े तो पैडेड ग्लव्ज का प्रयोग करें।
- उंगली या अंगूठे को कवर करने वाले या सहारा देने वाले स्पलिंट्स का प्रयोग किया जा सकता है, ताकि उंगली/अंगूठे को बिना हिलाए-डुलाए रखा जा सके।
- डॉक्टर आपको कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बता सकते हैं। प्रतिदिन मात्र 10-15 मिनिट की इस एक्सरसाइज को धीरे धीरे आधे घंटे तक बढ़ा लें। इसमें सॉफ्ट एक्सरसाइज़ बॉल को प्रेस करने, अंगूठे और उंगली को मिलाकर ओ बनाने, उंगलियों को मोड़कर गिनती करने जैसी एक्सरसाइज की जा सकती हैं।
- एक्सरसाइज के बाद हल्के हाथों से उंगली या अंगूठे की मालिश जरूर करें। इससे रक्त संचार सही रहेगा, लचीलापन बना रहेगा और मूवमेंट सही बना रहेगा।
- अपने शुगर लेवल को कंट्रोल रखें, वजन को संतुलित रखें व यूरिक एसिड का स्तर भी चेक करवाएं। कई बार इसकी वजह से भी दिक्कत हो सकती है।
- सूजन कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से ठंडा या गर्म सेकाई करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।