Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
बारिश का मौसम कई मायनों में अहम है। यह चिलचिलाती गर्मी से तो राहत देता ही है, साथ ही फसलों के लिए भी बारिश का पानी बहुत जरूरी होता है। लेकिन ध्यान रहे कि ये मौसम अपने साथ कई बीमारियों को भी लाता है। इस मौसम में जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और चूंकि अभी कोरोना महामारी का समय है तो यह खतरा दोगुना हो जाता है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने खाने-पीने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे और शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति मिले। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस मौसम में बीमारियों से बचने के लिए भोजन को पूरी तरह सुरक्षित करके रखें यानी स्वच्छ तरीके से स्टोर करें, ताकि उनपर हानिकारक बैक्टीरिया, फंगस आदि पैदा न हों। आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में आपकी कौन सी गलतियां सेहत पर भारी पड़ सकती है...
सावधान: बारिश के मौसम में ये गलतियां पड़ सकती हैं सेहत पर भारी, न करें लापरवाही
ब्रेड आदि को ज्यादा दिन तक स्टोर करके न रखें
- ब्रेड ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे ज्यादा दिन तक स्टोर करके कभी नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसके खराब होने की संभावना अधिक होती है। दरअसल, ऐसे खाद्य पदार्थ लंबे समय तक नम हवा के संपर्क में रहते हैं तो उनपर बैक्टीरिया और फंगस आदि पनपने लगते हैं और ऐसे में इनका सेवन आपकी सेहत बिगाड़ सकता है।
कम मात्रा में खरीदें फूड प्रोडक्ट्स
- आमतौर पर लोग एक ही बार में यानी थोक में कच्ची सब्जियों और फलों को खरीद कर रख लेते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आप ज्यादा मात्रा में ये चीजें खरीद कर स्टोर करेंगे, तो उनके जल्दी खराब होने की संभावना रहती है, नमी की वजह से उनमें कीड़े लग सकते हैं। ऐसे में अगर आप इन चीजों का सेवन करते हैं तो बीमारियों का खतरा रहता है।
मसालेदार और तैलीय खाना कम खाएं
- वैसे तो किसी भी मौसम में मसालेदार और तैलीय खाना शरीर को नुकसान ही पहुंचाता है, लेकिन बारिश के मौसम में खतरा और भी बढ़ जाता है, खासकर स्ट्रीट फूड से। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके, इन चीजों से परहेज करें, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट में गैस, पेट दर्द, जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पानी पीते समय बरतें सावधानी
- बारिश के मौसम में इस बात का बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए कि जो पानी आप पी रहे हैं, वो स्वच्छ हो। वैसे बेहतर तो यही है कि आप पहले पानी को उबाल लें और उसके बाद ही पिएं, क्योंकि इससे पानी के अंदर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया आदि मर जाएंगे और आपको बीमारियों का खतरा नहीं रहेगा।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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